मुरादाबाद। जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान जिले में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 135 रिक्त आशा के पदों पर चयन की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए नियमानुसार यथाशीघ्र चयन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोस्टर बनाकर ग्राम पंचायतों में बैठकें आयोजित कराई जाएं।जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में आयोजित बैठक में जिले में संस्थागत प्रसव कराने में उदासीनता बरतने वाली आशाओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए थे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 75 आशाएं ऐसी हैं जिन्होंने माह अप्रैल से अब तक एक भी संस्थागत प्रसव नहीं कराया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि इन सभी निष्क्रिय आशाओं को नोटिस जारी करते हुए पद से हटाने की कार्रवाई की जाए।
जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले टीकाकरण सत्रों में उपयोग में लाए जाने वाली वजन मशीन और अन्य उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 170 आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपकरण खरीदकर आपूर्ति का लक्ष्य था जिसके सापेक्ष 128 केंद्रों के लिए खरीद एवं आपूर्ति प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा शेष 42 के संबंध में खरीद प्रक्रिया जारी है।
जिले में 102 स्वास्थ्य उप केंद्र भवनों के निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाना है जिसके सापेक्ष अब तक 12 स्थलों का चयन किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि सम्बंधित तहसील प्रशासन से समन्वय करके स्थलों के चयन में तेजी लाएं।वाक इन इंटरव्यू के माध्यम से चिकित्साधिकारियों के चयन की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अब तक 39 चिकित्साधिकारियों का चयन किया जा चुका है और शेष 12 रिक्त पदों पर चयन के लिए नियमानुसार जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

जिले में संचालित जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता की स्थिति के बारे में जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारी से जानकारी ली और कहा कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप इन जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता रहे, यह सुनिश्चित कराना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है ताकि आमजन को इसका लाभ मिल सके।जिले में निजी हॉस्पिटलों में होने वाले प्रसव का विवरण एचएमआईएस और सीआरएस पोर्टल पर दर्ज करना होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इसे सख्ती से प्रभावी बनाया जाए ताकि इस विवरण के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज हो सके। अगले माह की बैठक में इसकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
पोषण पुनर्वास केंद्र गंभीर अति कुपोषित बच्चों (सैम श्रेणी) को भर्ती करके उन्हें सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए संचालित है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और जिला कार्यक्रम अधिकारी को जरूरतमंद बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बच्चों में टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों में सभी निर्धारित टीके समय से लग जाएं इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आशा और एएनएम के साथ बैठकें आयोजित करें और बच्चों में संपूर्ण टीकाकरण के लिए आने वाली समस्याओं का समाधान करके प्रगति बढ़ाई जाए। इसके साथ ही टीकाकरण से छूटे बच्चों का डोर टू डोर सर्वे कराया जाए ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से न छूटने पाए।
उन्होंने कहा कि जिन डेटा इंट्री ऑपरेटरों द्वारा जिम्मेदारी पूर्वक कार्य नहीं किया जा रहा है उन्हें नोटिस जारी किया जाए।
डेटा इंट्री ऑपरेटरों द्वारा टीकाकरण सहित विभिन्न कार्यक्रमों में त्रुटिरहित डेटा न भरने की वजह से मॉनिटरिंग के दौरान समस्या उत्पन्न होती है, जो उचित नहीं है।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम विद्यालयों में पेरेंट्स टीचर मीटिंग के दौरान उन्हें अपने बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता का ध्यान रखने के लिए प्रेरित करेंगे।
राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा में जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों एवं वृद्धजनों को प्रदान किए जाने वाले निःशुल्क चश्मों की गुणवत्ता और मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने दवाईयों की उपलब्धता की स्थिति के बारे में जानकारी ली और कहा कि नियमित रूप से टीबी रोगियों को चिन्हित करने और उनके स्वास्थ्य में सुधार की मॉनिटरिंग होनी चाहिए।जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन की भी मॉनिटरिंग होगी।
इसके साथ ही उन्होंने जननी सुरक्षा योजना, टेली कंसल्टेंसी, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, आभा आईडी आदि की प्रगति के बारे में विस्तृत हुई समीक्षा की।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, सीएमओ डॉ कुलदीप सिंह, डीपीआरओ आलोक शर्मा सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी गण मौजूद रहे।
