मुरादाबाद। फर्जी बिल ट्रेडिंग के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को अपराध शाखा (एसआईटी) ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर करीब 53 करोड़ 87 लाख 71 हजार 327 रुपये (जुर्माने सहित) की जीएसटी चोरी का आरोप है। आरोपी लंबे समय से पुलिस और जीएसटी विभाग से बचने के लिए दिल्ली में ठिकाने बदल-बदलकर रह रहा था।
एसआईटी के अनुसार राज्य कर अधिकारी, खंड-02 सिविल लाइंस की शिकायत पर थाना मुगलपुरा में वर्ष 2025 में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। आरोप है कि ए.के. इंटरनेशनल नामक फर्म के माध्यम से रेडीमेड कपड़ों के कारोबार की आड़ में फर्जी बिल ट्रेडिंग कर लगभग 17.03 करोड़ रुपये और 36.84 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। विवेचना के दौरान दोनों मामलों में आपराधिक साजिश (धारा 120-बी) भी जोड़ी गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुफ्तीटोला, थाना मुगलपुरा निवासी 45 वर्षीय जिया फैसल को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि जिया फैसल अपने सहयोगी जावेद के साथ मिलकर विभिन्न फर्मों के माध्यम से जीएसटी संबंधी अनियमित गतिविधियों का संचालन करता था। जावेद की वर्ष 2024 में मृत्यु हो चुकी है।
जांच में यह भी सामने आया कि AL GRAN LASCO और A K INTERNATIONAL समेत कई फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर इनवर्ड और आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया।
एसआईटी ने बैंक खातों की जांच में पाया कि कथित बोगस फर्मों के खातों में अरबों रुपये के वित्तीय लेन-देन हुए। इनमें महिमा एक्सिम, वैभव एंटरप्राइजेज, नरेश एंड कंपनी तथा AL GRAN LASCO के खातों का उपयोग किया गया। पुलिस अब इन खातों, जीएसटी रिटर्न, ई-वे बिल, लाभार्थियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
दिल्ली में छिपकर रह रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार जीएसटी विभाग और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी लगातार दिल्ली में अपने ठिकाने बदलता रहा। तकनीकी निगरानी और साक्ष्य संकलन के बाद एसआईटी ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ मुगलपुरा थाने में दर्ज जीएसटी धोखाधड़ी के दो मामलों के अलावा मारपीट, आर्म्स एक्ट तथा दिल्ली के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के मुकदमे भी दर्ज हैं।
फिलहाल एसआईटी वित्तीय लेन-देन, फर्जी फर्मों के नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी@शांतनु/INN
