कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के AICC मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. उनकी इस घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारे में अटकलें तेज हैं कि वे अपनी पहले की चेतावनी के तहत कोई बड़ा (जिसे उन्होंने पहले ‘हाइड्रोजन बम’ कहा था) खुलासा कर सकते हैं. इस घोषणा ने चुनावी माहौल में नई बहस और सियासी सनसनी पैदा कर दी है. बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के तहत गुरुवार 6 नवंबर 2025 को वोटिंग होनी है. राहुल गांधी उससे ऐन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे कोई बड़ा खुलासा कर सकते हैं. राहुल गांधी ने 1 सितम्बर को अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन के मौके पर कहा था कि महादेवपुरा (Mahadevpura) के बारे में जो सबूत दिखाए गए थे वह केवल एक एटम बम था और उनके पास अब इससे भी बड़ा, विस्फोटक सबूत (हाइड्र्रोजन बम) है, जो देश के सामने पूरी सच्चाई उजागर करेगा.
राहुल गांधी का 16-दिन का ‘वोटर अधिकार यात्रा’ बिहार में वोटर्स के अधिकार के प्रति जागरूकता फैलाने और विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान हुई कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने के इरादे से निकला था. कांग्रेस ने विभिन्न मामलों में मतदाता सूचियों में छेड़खानी और वोटर-पक्षपात के दावे पेश किए हैं और चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बार-बार दावा किया है कि वोट चोरी सिर्फ वोट नहीं, बल्कि लोगों के अधिकार की हेराफेरी है. उन्होंने कहा कि चुनावी सूचियों और SIR प्रक्रिया से सम्बंधित दस्तावेज़ और वीडियो रिकॉर्डिंग चुनाव आयोग से उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं और यही वजह है कि कांग्रेस ने स्वयं जांच कर सबूत जनता के सामने प्रस्तुत किए हैं.
राहुल के इस ‘हाइड्र्रोजन बम’ के बयान पर भाजपा ने तीखा पलटवार भी किया है और कुछ नेताओं ने इसे दमदार साबित न होने वाला दाव बताया है. बीजेपी ने कहा है कि पहले जो ‘एटम बम’ दिखाया गया था वह असर नहीं कर पाया और ऐसे दावों को राजनीतिक नाटक करार दिया गया है. चुनाव आयोग ने भी पहले कुछ दावों पर तथ्यों की मांग करते हुए जवाब देने को कहा था. इन आर-पार की बहसों से चुनावी टकराव और तेज होने की संभावना है.
