मुरादाबाद। मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला टास्क फोर्स (बाल श्रम), जिला श्रम बन्धु एवं जिला स्तरीय बन्धुआ श्रम सर्तकता समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उप श्रमायुक्त द्वारा बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिशोध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 यथा संशोधित अधिनियम 2016, जिला श्रम बन्धु एवं जिला स्तरीय बन्धुआ श्रम सतर्कता समिति के प्राविधानों एवं उ.प्र. शासन एवं भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गई।
उप श्रमायुक्त ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री के निर्देशो के क्रम में उत्तर प्रदेश में बाल एवं किशोर श्रम को पूर्णतयाः निषिद्ध करते हुए बाल श्रम मुक्त प्रदेश बनाए जाने का निर्णय लिया गया है।

जनपद मुरादाबाद में बाल एवं किशोर श्रम को पूर्णतया निषिद्ध किए जाने हेतु बाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन, शैक्षिक पुनर्वासन एवं अधिनियम की विस्तृत जानकारी समस्त पदाधिकारियों को दी गई तथा समस्त व्यापार मण्डल एवं एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बाल एवं किशोर श्रम से कार्य न कराए जाने एवं अधिनियम के अन्तर्गत दण्ड के प्राविधानों की जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रतिष्ठान एवं कारखानों के बाहर बाल श्रम निषेध बोर्ड अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाएं। मुख्य विकास अधिकारी ने उप श्रमायुक्त को निर्देशित किया कि एक बाल श्रम चिन्हांकन अभियान पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों के सहयोग से चलाकर जनपद के होटल, रेस्टोरेंट एवं बाल श्रम बाहुल्य क्षेत्रों में बाल श्रमिकों का चिन्हांकन कराया जाए तथा उनका शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वासन सुनिश्चित किए जाने हेतु बेसिक शिक्षा विभाग एवं प्रोबेशन विभाग को बाल श्रमिकों की सूची प्रेषित करते हुए फाॅलोअप भी लिया जायें तथा मा. सीजेएम न्यायालय में पूर्व में योजित अभियोजन को प्रभावी पैरवी कराते हुए दिनांक 13 दिसम्बर 2025 को आयोजित लोक अदालत में निस्तारण कराया जाये जिस हेतु सम्बन्धित विभाग से समन्वय स्थापित कर कार्यवाही सुनिश्चित की जायें। कार्यवाही को नियत समय में किये जाने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय एवं बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि इस कार्य हेतु अपने-अपने विभाग से एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाये ताकि इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न न हों।
उप श्रमायुक्त, मुरादाबाद क्षेत्र द्वारा प्रदेश को वर्ष 2027 तक बाल श्रम से मुक्त करने के प्रदेश सरकार के संकल्प को दोहराते हुए इसमें सभी को अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। जिला श्रम बन्धु के अन्तर्गत नियोजित श्रमिकों के हित संवर्धन तथा औद्योगिकीकरण को गतिशीलता प्रदान करने, श्रम अधिनियमों का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करने तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के अन्तर्गत अधिष्ठान पंजीयन, लेबर सेस एवं निर्माण श्रमिकों के हितार्थ संचालित कल्याणकारी योजनाओं जैसे कन्या विवाह सहायता योजना, मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना आदि के क्रियान्वयन से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं एनपीएस टेंडर्स के विषय में भी जानकारी दी गयी।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये कि श्रमिको को इन योजनाओं से जागरूक कराये जाने हेतु विशेष कैम्प का आयोजन कराया जाये जिससे श्रमिक योजनाओं का उनकी पात्रता के आधार पर लाभ प्रदान किया जा सके।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कर्मकारों को मिलने वाले विधिक अधिकारियों की जानकारी हेतु कैम्प आयोजित करने का परामर्श दिया गया।
समस्त कार्यदायी संस्थागत प्रत्येक निर्माण कार्य के लिए पंजीयन सुनिश्चित कराये, जिससे सरकार द्वारा आवंटित लक्ष्य की पूर्ति हो सके। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं एनपीएस टेंडर्स के विषय में भी जानकारी दी गयी।
बताया गया कि जिला स्तरीय बन्धुआ श्रम सतर्कता समिति के पुर्नगठन का प्रस्ताव जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। जनपद मुरादाबाद में बन्धुआ श्रम का कोई भी प्रकरण संज्ञान मे नहीं आया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त जनपद कुशीनगर से अवमुक्त कराये गये 10 बन्धुआ श्रमिकों का पुनर्वासन पैकेज तैयार कर प्रेषित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त जनपद मुरादाबाद में 01 वाद/समरी ट्रायल उप जिलाधिकारी बिला…
