देश को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है. जस्टिस सूर्यकांत को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 53वें सीजेआई के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस मौके पर भूटान, मलेशिया, नेपाल और श्रीलंका समेत कई देशों के मुख्य न्यायाधीश भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे.
जस्टिस सूर्यकांत सिर्फ 38 साल की उम्र में हरियाणा के एडवोकेट जनरल बने थे. वो हरियाणा के रहने वाले हैं. उनका जन्म 10 फरवरी 1962 को हिसार में हुआ था. यही वजह है कि वह सिर्फ 14 महीने इस पद पर रहेंगे. इन 14 महीनों में उनके सामने कई ऐसे मामले आने वाले हैं, जो उनके लिए बड़ी चुनौती होगी.
अभी देशभर में SIR चल रहा है. कई जगहों पर इसका विरोध भी शुरू हो गया है. इसको लेकर भी मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. ऐसे में सीजेआई के तौर पर जस्टिस सूर्यकांत के सामने यह एक बड़ा मामला होगा. इसी तरह वक्फ एक्ट का मामला भी एक बड़ी चुनौती होगी.
इसके अलावा दिल्ली-NCR में प्रदूषण से जुड़ा मामला भी सुप्रीम कोर्ट में अटका हुआ है. इसको लेकर भी सभी की जस्टिस सूर्यकांत के फैसले पर होगी. इसके अलावा तलाक-ए-हसन पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई भी अहम मामाला है. इस प्रथा के मुताबिक तीन महीने के अंदर पति एक-एक बार तलाक कहकर शादी को खत्म कर सकता है. इसी प्रथा की वैधता को चुनौती दी गई है.
देश के लिए अहम मुद्दा बनने वाले कई मामलों की सुनवाई में जस्टिस सूर्यकांत ने अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने 300 से अधिक अहम फैसले दिए हैं. इनमें से कई संविधान, प्रशासन और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे रहे हैं. जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने ही बरकरार रखा था.
