अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर आज एक ऐतिहासिक पल आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर पर केसरिया धर्म ध्वजा फहराई. रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद, इस ध्वजारोहण को मंदिर निर्माण के संपूर्ण होने की वैश्विक घोषणा माना जा रहा है.
यह भव्य कार्यक्रम विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया, जिसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है. पीएम मोदी ने राम दरबार और गर्भगृह में पूजा-अर्चना भी की. उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं.
161 फीट ऊंचे शिखर पर फहराया गया यह केसरिया ध्वज त्याग, धर्मनिष्ठा और रामराज्य के मूल्यों का प्रतीक है. ध्वजारोहण के साथ ही पूरी अयोध्या नगरी में भक्ति, उत्साह और अलौकिक वैभव का माहौल छा गया. श्रद्धालु अपनी आंखों के सामने ये विहंगम दृश्य देखकर भाव विभोर हो गए. दूर-दूर से लोग धर्म ध्वजा को लहराते हुए देखने के लिए राम नगरी आए हुए थे.
पीएम मोदी आज सुबह करीब 10 बजे अयोध्या पहुंचे. हजारों लोगों ने उनका भव्य तरीके से स्वागत किया. यहां उन्होंने सप्तमंदिर में पूजा की. शेषावतार मंदिर गए. राम दरबार में मंत्रोच्चार के बीच आशीर्वाद लिया. राम लला के भी दर्शन किए. इन सबके बाद उन्होंने ध्वजारोहण किया.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर की पहली मंजिल पर नवनिर्मित राम दरबार में पूजा-अर्चना की. राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय पहली मंजिल पर राम दरबार की स्थापना नहीं हुई थी. राम दरबार का कार्य हाल ही में पूर्ण हुआ है.


