लोकसभा में आज ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर खास चर्चा हो रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस चर्चा की शुरुआत की. इस दौरान पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी घेरा. पीएम मोदी ने कहा, पिछली सदी में वंदे मातरम के साथ विश्वासघात हुआ. इसे विवादों में घसीटा गया. मुस्लिम लीग ने इसका विरोध किया. जिन्ना ने 1937 में इसका विरोध किया. नेहरू ने मुस्लिम लीग की निंदा नहीं की. जिन्ना के विरोध के बाद नेहरू को कुर्सी का खतरा लगा. जिन्ना के विरोध के बाद नेहरू को डर लगा. वंदे मातरम के कुछ शब्दों पर मुस्लिमो को ऐतराज था. कांग्रेस ने इसकी समीक्षा की बात की. कांग्रेस ने वंदे मातरम के टुकड़े कर दिए. कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में फैसला लिया.
अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष हर चीज पर कब्जा करना चाहता है. अखिलेश ने कहा कि ये लोग हर बात का श्रेय लेने चाहते हैं. जो महापुरुष इनके नहीं हैं, ये उन्हें भी कब्जाने की कोशिश करते हैं. इनकी बातों से लगता है कि वंदे मातरम इन्हीं का बनवाया हुआ गीत है.
लोकसभा में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर चल रही विशेष चर्चा के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान को सिर्फ गाना काफी नहीं, इसे निभाने की जरूरत है. वंदे मातरम ने जो जोड़ा, दरारवादी लोग उसे तोड़ने का काम कर रहे हैं.’
अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, ‘वंदे मातरम कोई दिखावा नहीं है, यह राजनीति का विषय नहीं है. ऐसा लगता है वंदे मातरम इन्हीं का बनवाया हुआ गाना है.’ अखिलेश ने कहा, ‘सरफरोशी की तमन्ना लेकर लोग वंदे मातरम दिल से बोलते थे, वहीं कुछ लोग अंग्रेजों के लिए जासूसी का काम करते थे.’
