मुरादाबाद। जनपद मुरादाबाद के लिए गर्व का क्षण 23 जून को आने वाला है, जब जिले की दो प्रतिष्ठित हस्तियों को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से अलंकृत किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में प्रसिद्ध शिल्पकार चिरंजीलाल यादव तथा स्वर्गीय रघुपत सिंह (मरणोपरांत) को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। स्व. रघुपत सिंह की ओर से उनकी पत्नी प्रेमवती देवी पुरस्कार ग्रहण करेंगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दोनों परिवारों को समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हो चुका है। गणतंत्र मंडप, राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले इस समारोह में राष्ट्रपति स्वयं सम्मान प्रदान करेंगी।

पीतल शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने वाले चिरंजीलाल यादव
मुरादाबाद के कटरा पूरनजाट स्थित जीवन की सराय निवासी चिरंजीलाल यादव को उनके उत्कृष्ट शिल्प योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने 25 जनवरी 2026 को उनके नाम की घोषणा की थी।
चिरंजीलाल यादव ने सीमित औपचारिक शिक्षा के बावजूद पीतल नक्काशी की कला में असाधारण पहचान बनाई। उन्होंने गुरु अमर सिंह से प्रशिक्षण प्राप्त कर मेहराब, बिदर, पंचरंगा, अंगूरी, फाइन और मरोड़ी जैसे पारंपरिक नक्काशी कार्यों में महारत हासिल की।

उनकी कला को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली। वह वर्ष 2015 में जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में भारतीय शिल्प का प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा बांग्लादेश और मलेशिया में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्हें वर्ष 2008 में राष्ट्रीय मेरिट पुरस्कार तथा 2019 में प्रतिष्ठित शिल्प गुरु सम्मान से नवाजा जा चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी उन्हें कई बार राज्य दक्षता पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।

सब्जियों की नई किस्मों के विकास के लिए मिला सम्मान
बिलारी क्षेत्र के समाथल गांव निवासी स्वर्गीय रघुपत सिंह को कृषि क्षेत्र में उनके अभिनव योगदान के लिए मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने बीज संरक्षण, संवर्धन और विशेष रूप से लौकी समेत कई सब्जियों की नई एवं उन्नत प्रजातियों के विकास में महत्वपूर्ण कार्य किया था।
उनके अनुसंधान और नवाचारों ने स्थानीय कृषि को नई दिशा देने के साथ किसानों को भी लाभ पहुंचाया। इसी योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उन्हें पद्मश्री के लिए चयनित किया था।
हालांकि सम्मान की घोषणा के कुछ महीने बाद ही 1 जुलाई 2025 को बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। अब उनकी पत्नी प्रेमवती देवी राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में यह सम्मान ग्रहण करेंगी। @शांतनु/INN
