जिला कलेक्ट्रेट और गरीब नवाज दरगाह को फिर से बम से उड़ाने की धमकी जिला कलेक्टर के ईमेल आईडी पर बुधवार को आई. धमकी की सूचना पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीम के साथ आरएसी के जवानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में चप्पे-चप्पे की तलाशी ली. बाद में जांच एजेंसियां अजमेर दरगाह के लिए रवाना हुई, जहां पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया. 6 दिन में दूसरी बार कलेक्ट्रेट और दरगाह को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. फिलहाल कहीं से भी विस्फोटक मिलने की सूचना नहीं मिली है.
धमकी भरे ईमेल की सूचना जिला कलेक्टर ने एसपी वंदिता राणा को दी. तत्काल कलेक्ट्रेट परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया. इस अभियान में डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता, पुलिस और आरएसी की टीम ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली. टीम ने सबसे पहले बाहर खड़ी दुपहिया और चौपहिया वाहनों की जांच की. इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अलग-अलग विभागों के दफ्तर में जाकर तलाशी ली गई.
अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर नरेंद्र मीणा ने बताया कि जिला कलेक्टर लोक बंधु के मेल आईडी पर अज्ञात व्यक्ति की ओर से धमकी भरा ईमेल भेजा गया था. धमकी देने वाले ने अजमेर कलेक्ट्रेट और अजमेर दरगाह को बम से उड़ाने की धमकी दी थी. अजमेर कलेक्ट्रेट कार्यालय, एसपी कार्यालय, एडीएम सिटी कार्यालय, अटल सेवा केंद्र, डाकघर, क्राइम ब्रांच, डीएसबी, उपखंड अधिकारी आदि दफ्तरों के अलावा कार्यालय परिसर में मौजूद पार्किंग और खुली जगह पर खड़े वाहनों की बारीकी से जांच की गई. इस सघन जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कोई विस्फोटक सामग्री हाथ नहीं लगी.
कलेक्ट्रेट परिसर के बाद जांच एजेंसियां सघन तलाशी के लिए अजमेर दरगाह पहुंची. जहां डेढ़ घंटे तक दरगाह परिसर को खाली रखा गया. दरअसल दरगाह में बड़ी संख्या में जायरीन की मौजूदगी के कारण सघन तलाशी लेना मुमकिन नहीं होता. यही कारण है कि दरगाह को पहले खाली करवाया गया और इसके बाद दरगाह परिसर में खादिमों के हुजरे, दुकानों, मस्जिद इमारत और आस्थाने के आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी ली गई.
