उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आज सदन में कोडीन कफ सिरप घोटाले को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करने लगे। जब विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी अनुमति तुरंत नहीं दी, तो सपा विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के बीचों-बीच यानी वेल (Well) में पहुंच गए, जिससे सदन की कार्यवाही में भारी बाधा उत्पन्न हुई।
विधानसभा में हंगामे के बीच विपक्ष के विधायकों का सदन से वॉकआउट
यूपी विधानसभा में कोडीन कफ सिरफ मामले को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला. इसी बीच विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया है. इस दौरान सीएम योगी ने साफ कहा कि कोडीन कफ सिरप से उत्तर प्रदेश में कोई मौत नहीं हुई है.
विपक्ष का आक्रामक तेवर और अनोखा प्रदर्शन
सपा विधायकों ने इस मुद्दे पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। विधायक हसन रूमी गले में कफ सिरप की माला पहनकर सदन पहुंचे, जबकि ब्रजेश यादव ने अपनी साइकिल पर सिरप का बड़ा कटआउट लगाकर विरोध दर्ज कराया। विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध कोडीन सिरप के जरिए युवाओं को नशे की धकेल में धकेला जा रहा है और माफियाओं को सरकारी संरक्षण प्राप्त है। विपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि इन “सिरप माफियाओं” के घरों पर बुलडोजर कब चलेगा।
सरकार का पलटवार और सफाई
हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने सदन को बताया कि प्रदेश सरकार ने इस अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और अब तक 122 से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोडीन सिरप के सेवन से राज्य में किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है, जिसके बाद विपक्ष ने और भी तीखी नारेबाजी शुरू कर दी।
कार्यवाही पर असर
सपा विधायकों के लगातार वेल में डटे रहने और नारेबाजी करने के कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष इस मुद्दे पर कार्य स्थगन के तहत विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा रहा। इस मुद्दे ने सत्र के पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे टकराव की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में सदन के और भी गरमाने के आसार हैं।
