उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान 22 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर बेहद तीखा हमला बोला। कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “देश में दो नमूने हैं, एक दिल्ली में बैठते हैं और दूसरे लखनऊ में बैठते हैं।” सीएम योगी ने आगे तंज कसते हुए कहा कि जब भी देश या प्रदेश में कोई बड़ी समस्या आती है, तो दिल्ली वाले ‘नमूने’ विदेश भाग जाते हैं और लखनऊ वाले ‘बबुआ’ (अखिलेश यादव) भी जल्द ही सैर-सपाटे के लिए लंदन निकलने वाले हैं।
मुख्यमंत्री के इस ‘नमूने’ वाले बयान पर सदन में मौजूद समाजवादी पार्टी के विधायक बुरी तरह भड़क गए। सपा सदस्यों ने मुख्यमंत्री की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सदन के बीचों-बीच (वेल में) आकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पद पर बैठकर ऐसी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना लोकतंत्र का अपमान है। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने अपना हमला जारी रखा और कहा कि सपा इस उम्र में भी अपने नेताओं से सदन में झूठ बुलवा रही है। [2]
विवाद की जड़ कोडीन कफ सिरप घोटाला था, जिस पर सीएम योगी ने दावा किया कि इस अवैध धंधे को सपा शासनकाल (2016) में संरक्षण मिला था। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक 79 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और 78 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री के कड़े रुख और निजी हमले के विरोध में समाजवादी पार्टी के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सपा नेताओं का कहना है कि सरकार असल मुद्दों और भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष पर व्यक्तिगत छींटाकशी कर रही है।
