मुरादाबाद जिला कारागार से पैरोल पर रिहा किए गए छह कैदी बीते पांच वर्षों से फरार चल रहे हैं। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान शासन के निर्देश पर जेलों में भीड़ कम करने के उद्देश्य से इन कैदियों को पैरोल दी गई थी, लेकिन पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद भी ये कैदी वापस जेल नहीं लौटे।
जानकारी के अनुसार फरार कैदी मुरादाबाद जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए जा रहे हैं। पैरोल की समयसीमा पूरी होने पर जेल प्रशासन ने नियमानुसार इन्हें वापस जेल में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कैदियों ने न तो जेल में हाजिरी दी और न ही पुलिस के समक्ष पेश हुए।
जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कई बार संबंधित थाना पुलिस, जिला पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया। इसके बावजूद अब तक किसी भी फरार कैदी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े करता है।
सूत्रों के अनुसार, फरार कैदियों की तलाश के लिए समय-समय पर पत्राचार तो किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण सभी आरोपी अब तक कानून की पकड़ से बाहर हैं। पांच साल बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी न होना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर चिंता पैदा कर रहा है।
फिलहाल जेल प्रशासन द्वारा एक बार फिर से पुलिस को पत्र लिखकर फरार कैदियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई है, ताकि कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।
