मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर सीधे-साधे लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जिगर कॉलोनी निवासी इशरत अली के रूप में हुई है, जो कभी खुद को दरोगा तो कभी अधिकारी बताकर लोगों को धमकाता और झांसे में लेकर पैसे ऐंठता था। पुलिस के मुताबिक अब तक आरोपी द्वारा 20 से 25 लाख रुपये तक की ठगी किए जाने की बात सामने आ रही है।
पीड़ितों की शिकायत पर खुला मामला
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक लोगों ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बैंक लोन दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत की। पीड़ितों के बयान सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
मकान बेचकर दिए 11 लाख रुपये
पीड़ित नफीस ने आरोप लगाया कि इशरत अली ने लोन दिलाने के बहाने उसे भरोसे में लेकर मकान बिकवाया और 11 लाख रुपये हड़प लिए। इसी तरह अन्य लोगों से भी अलग-अलग रकम ऐंठी गई। आरोपी अक्सर खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को डराता था।
फर्जी दस्तावेजों का जाल, कई आधार कार्ड
जांच में सामने आया कि आरोपी के पास कई फर्जी पहचान पत्र हैं। उसका एक आधार कार्ड नागफनी थाना क्षेत्र का है, जबकि दूसरा गलशहीद थाना क्षेत्र के पते पर बना हुआ है। जबकि उसका मूल निवास डिलारी थाना क्षेत्र के अदलपुर गांव का बताया जा रहा है। इसके अलावा आरोपी ने कई फर्जी चेक भी लोगों को दिए।
एसपी सिटी का बयान
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि इशरत अली, निवासी अदलपुर (डिलारी), ने बैंक लोन दिलाने के नाम पर कई लोगों से धोखाधड़ी की है। जांच में प्रथम दृष्टया ठगी की पुष्टि हुई है। मामले में उपयुक्त धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

उन्होंने बताया कि अब तक 10 से 12 लाख रुपये की ठगी की शिकायतें दर्ज हैं, लेकिन जांच में इससे कहीं अधिक रकम हड़पने के संकेत मिले हैं। अन्य पीड़ितों के सामने आने पर उन्हें भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।
दरोगा बनकर करता था धमकी
एसपी सिटी ने कहा कि आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से पैसे वसूलता था और खुद को दरोगा बताकर डराता था। डुप्लीकेट आधार कार्ड, फर्जी चेक और अन्य साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया गया है। मामले की गहन जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।
