बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान 25 दिसंबर 2025 को लगभग 17 साल बाद लंदन से अपने वतन बांग्लादेश लौट आए हैं। उनका विमान सुबह 9:58 बजे सबसे पहले सिलहट उतरा, तारिक रहमान का विमान सिलहट एयरपोर्ट से ढाका के लिए रवाना हो गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये विमान स्थानीय समय अनुसार, करीब 12 बजे ढाका के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करेगा. अपनी मिट्टी पर कदम रखते ही उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए इसे ‘नई शुरुआत’ बताया। उनके साथ उनकी पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी जाइमा रहमान भी स्वदेश लौटी हैं।
तारिक रहमान के स्वागत के लिए ढाका में समर्थकों का एक विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। BNP के नेताओं का दावा है कि उनकी वापसी के गवाह बनने के लिए राजधानी की सड़कों पर करीब 50 लाख समर्थक जुटे। एयरपोर्ट से लेकर उनके आवास तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और हवाई अड्डे के टर्मिनल क्षेत्रों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उनके स्वागत के लिए पूरे शहर को पोस्टरों और बैनरों से पाट दिया गया है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है।
नुस सरकार के लिए ‘डबल झटका’
रहमान की वापसी मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बनकर उभरी है। सरकार को तब बड़ा झटका लगा जब यूनुस के विशेष सहायक खुदाबख्श चौधरी ने इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा, ढाका के मघबाजार इलाके में एक बम धमाके की खबर आई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इन घटनाओं ने देश में सुरक्षा और स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे अंतरिम सरकार काफी दबाव में नजर आ रही है।
तारिक रहमान की वापसी का समय बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने वाले हैं। उनकी मौजूदगी ने चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। वह अपनी बीमार मां, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मुलाकात करने के बाद चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि उनकी वापसी से BNP कार्यकर्ताओं में नया जोश भर गया है, जो यूनुस सरकार और अन्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगा। [4]
रहमान 2008 में इलाज के लिए लंदन गए थे और तब से वहीं निर्वासित जीवन जी रहे थे। हाल ही में बांग्लादेश की अदालतों द्वारा उन्हें कई मामलों में बरी किए जाने और उनकी सजा पर रोक लगाए जाने के बाद उनकी वापसी संभव हो पाई है। अब वह ढाका में रहकर सक्रिय राजनीति करेंगे और 27 दिसंबर को अपना मतदाता पंजीकरण भी कराएंगे, जिससे उनके भविष्य में चुनाव लड़ने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
