उन्नाव रेप केस में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई राहत अब सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर पहुँच गई है। सेंगर की जमानत और सजा निलंबन (सस्पेंशन) के खिलाफ कानूनी घेराबंदी तेज हो गई है। ताज़ा घटनाक्रम में, वकील अंजले पटेल और पूजा शिल्पकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सेंगर की जमानत रद्द करने की मांग की है।
जनहित में वकीलों की पहल
दिलचस्प बात यह है कि याचिकाकर्ता अंजले पटेल और पूजा शिल्पकार इस मामले में कभी सीधे तौर पर पक्षकार (Party) नहीं रहे हैं। उन्होंने न तो निचली अदालत और न ही हाई कोर्ट में इस केस की पैरवी की थी, लेकिन अब वे ‘जनहित’ और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर शीर्ष अदालत पहुँचे हैं।
पीड़िता का संकल्प: “जब तक जमानत रद्द नहीं होती, चुप नहीं बैठेंगे”
हाई कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता का दर्द और गुस्सा दोनों फूट पड़ा है। उसने साफ तौर पर कहा है कि सेंगर की रिहाई उसके परिवार के लिए खतरे की घंटी है। पीड़िता ने कहा, “हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। जब तक सेंगर की जमानत खारिज नहीं होती, हम पीछे नहीं हटेंगे।”
बता दें कि फैसले के विरोध में पीड़िता ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन करने की भी कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उसे वहां से हटा दिया था।
CBI भी तैयारी में
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी CBI और खुद पीड़िता भी अलग से हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया में हैं। सेंगर भले ही रेप केस में जमानत पा चुके हैं, लेकिन पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ मामले में मिली 10 साल की सजा के कारण उनका जेल से बाहर आना फिलहाल मुमकिन नहीं दिख रहा है।
अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वह दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाता है या नहीं।
