महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरपुर में 4 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और उसकी बेरहमी से हत्या करने के दोषी भीमराव कांबले को स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि यह अपराध इतना जघन्य है कि उम्रकैद पर्याप्त नहीं है और फांसी भी कम सजा लगती है, लेकिन कानून में इससे बड़ी सजा का प्रावधान नहीं है।
यह वारदात 1 मई की है, जब आरोपी बच्ची को घर के बाहर से उठाकर गौशाला ले गया, जहां उसने दुष्कर्म के बाद पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी और शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपा दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।
25 जून को कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया था और 29 जून को उसे हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने अपराध पर कोई पछतावा नहीं जताया। यह मामला करीब दो महीने में जांच से लेकर सजा तक पहुंचने वाले सबसे तेज मामलों में शामिल हो गया।
