मुरादाबाद। लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर की गद्दी को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गरमा गया। महंत पद से हटाए गए सज्जन गिरि पर अपने साथियों के साथ मंदिर में पहुंचकर गद्दी पर कब्जे की कोशिश करने और मौजूदा महंत विनय गिरि के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना के दौरान मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी तोड़ दिए गए। मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पांच चाकू बरामद होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक दिल्ली के लाल किला कोतवाली क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर निवासी महंत कंचन गिरि की ओर से मुगलपुरा थाने में दी गई तहरीर में बताया गया कि वह प्राचीन सिद्धपीठ काली माता मंदिर के महंत हैं। आरोप है कि अप्रैल में महंत पद से हटाए गए लखनऊ के बंथरा निवासी पूर्व महंत सज्जन गिरि शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे अपने साथियों के साथ लालबाग स्थित काली माता मंदिर पहुंचे।
आरोप है कि सज्जन गिरि के साथ उनके भतीजे विशाल सिंह, मध्य प्रदेश के भिंड निवासी पवन गिरि, लखनऊ के बंथरा निवासी अमन सिंह, चालक अनुराग सिंह, अभय सिंह और आर्यन सिंह भी मंदिर में पहुंचे। वहां मौजूद महंत विनय गिरि और अन्य संतों से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया।
सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर तोड़े
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने मंदिर में मौजूद संत-महंतों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। इस दौरान मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और डीवीआर को भी तोड़ दिया गया। घटना से मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह विवाद को शांत कराया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
पांच आरोपी गिरफ्तार, पांच चाकू बरामद
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अनुसार पूर्व महंत सज्जन गिरि, उनके भतीजे विशाल सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभय सिंह, विशाल सिंह, आर्यन सिंह, अनुराग सिंह और अमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच चाकू बरामद किए गए हैं।
पांचों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पहले से चला आ रहा है मंदिर की गद्दी का विवाद
लालबाग काली माता मंदिर की गद्दी को लेकर पिछले कई महीनों से विवाद चला आ रहा है। अप्रैल में जूना अखाड़े की ओर से महंत सज्जन गिरि को पद से हटाकर प्रयागराज स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद मंदिर में कई बार महंतों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ। अगस्त की शुरुआत में भी मंदिर की व्यवस्था में बदलाव करते हुए महंत महादेवानंद गिरि को जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई थी।
मंदिर की व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
लगातार बदलते महंतों और गद्दी विवाद के कारण मंदिर की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ ही महीनों में कई बार महंतों का स्थानांतरण और नई नियुक्तियां हुई हैं। ऐसे में अब ताजा विवाद और मारपीट की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। मंदिर की गद्दी को लेकर चल रहे विवाद में आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है@शांतनु/INN
