मुरादाबाद। 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मुरादाबाद शहर स्थित पंचायत भवन सभागार में आयोजित भव्य समारोह ‘अमृत काल’ के बदलते और विकसित होते उत्तर प्रदेश की एक सशक्त तस्वीर का गवाह बना। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्ष और राज्य की योगी सरकार के साढ़े नौ वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि यूपी आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। मुरादाबाद मंडल को ‘गुरु जम्भेश्वर जी महाराज’ के नाम पर एक नए राज्य विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक सौगात दी गई।
वहीं, मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने आजादी के असली मायनों को गहराई से समझाते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और वर्ष 2024 में ब्रिटिश काल के तीन पुराने कानूनों की जगह लागू हुए नए भारतीय कानूनों ने हमारी वैचारिक गुलामी की बेड़ियों को तोड़ा है।
समारोह में ‘मिशन शक्ति’ और किसानों की सिंचाई के लिए ‘मुफ्त बिजली’ जैसी योजनाओं को प्रमुखता से रखते हुए 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
एक्सप्रेसवे की रफ्तार और शिक्षा-स्वास्थ्य में महाक्रांति
प्रदेश सरकार राज्य के हर मंडल को उच्च शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने की वृहद कार्ययोजना पर काम कर रही है। मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि ‘एक मंडल-एक राज्य विश्वविद्यालय’ के लक्ष्य के तहत मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर जी महाराज के नाम पर राज्य विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। पहले प्रदेश में केवल छह मंडलों में ही सरकारी विश्वविद्यालय थे, लेकिन आज लगभग हर मंडल में विश्वविद्यालय स्थापित हो रहे हैं।

वीआईपी कल्चर का अंत, अन्नदाताओं को मुफ्त बिजली का तोहफा।
बिजली आपूर्ति में पुरानी सरकारों के ‘वीआईपी कल्चर’ (जैसे केवल कुछ खास जिलों को बिजली देना) पर कड़ा प्रहार करते हुए मंत्री ने कहा कि आज मुरादाबाद सहित प्रदेश के सभी 75 जिलों को बिना किसी भेदभाव के समान रूप से निर्बाध बिजली मिल रही है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र को जमीन पर उतारते हुए राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। अब किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले निजी नलकूपों (ट्यूबवेल) का बिजली बिल शत-प्रतिशत माफ कर दिया गया है, जिससे किसानों की लागत घटेगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगे।
स्वाधीनता से स्व-तंत्रता का सफर: टूट गया पश्चिमी तंत्र।
समारोह को संबोधित करते हुए डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने 200 वर्षों के लंबे संघर्ष और बलिदान को नमन किया। उन्होंने बहुत ही मार्मिक ढंग से ‘स्वाधीनता’ (संविधान मिलना) और ‘स्व-तंत्रता’ (अपना तंत्र होना) के बीच का अंतर समझाया। इसी कड़ी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है, जो स्वभाषा और स्वदेश प्रेम पर आधारित है। साथ ही वर्ष 2024 में ब्रिटिश कालीन तीन कानूनों को हटाकर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। यह बदलाव भारत को अपने ही तंत्र और मूल्यों के साथ 2047 तक एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम कदम है।

चार वर्गों के उत्थान और ‘मिशन शक्ति’ से संवरेगा 2047 का भारत।
जिलाधिकारी डॉ. पैंसिया ने माननीय प्रधानमंत्री की उस दूरदर्शी सोच का उल्लेख किया जिसमें देश के महिला, युवा, किसान और निर्धन के उत्थान को प्रमुखता दी गई है। इन चारों के विकास और सुश्रुषा से ही राष्ट्र आगे बढ़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री की ‘मिशन शक्ति’ योजना का जिक्र करते हुए महिला, नागरिक और व्यापारी सुरक्षा पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में उन्होंने महज 12 वर्ष की आयु में अंग्रेजों की गोली खाने वाले ओडिशा के वीर शहीद बाजी राउत और 18 वर्ष 8 महीने की आयु में फांसी पर चढ़ने वाले खुदीराम बोस के सर्वोच्च बलिदान को याद किया। उन्होंने तुलसीदास जी की पंक्तियों “परहित सरिस धर्म नहिं भाई, पर पीड़ा सम नहिं अधमाई” का उद्धरण देते हुए सभी को इंसानियत और समाज सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

इस अवसर पर माननीय विधायक मुरादाबाद शहर श्री रितेश गुप्ता, एमएलसी श्री गोपाल अंजान, जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया, एसएसपी श्री सतपाल अंतिल, सीडीओ सुश्री मृणाली अविनाश जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण एवं अधिकारी गण मौजूद रहे@शांतनु/INN
