मुरादाबाद। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित 120वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने के लिए जनपद मुरादाबाद के 56 प्रगतिशील कृषकों के दल को जिलाधिकारी अनुनय झा ने हरी झंडी दिखाकर दो दिवसीय भ्रमण के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में निरंतर हो रहे तकनीकी एवं वैज्ञानिक नवाचारों की जानकारी किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किसान मेलों एवं कृषि प्रदर्शनियों के माध्यम से कृषकों को उन्नत कृषि पद्धतियों, आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा कृषि आधारित नवीन उद्यमों की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त होती है।
उन्होंने भ्रमण पर जा रहे कृषकों से कहा कि वे किसान मेले में प्रदर्शित उन्नत कृषि तकनीक, कृषि यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण, संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, उच्च उत्पादकता वाली प्रजातियों तथा कृषि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से संबंधित तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और इसका लाभ अपने क्षेत्र के अन्य किसानों तक भी पहुंचाएं।

दो दिवसीय भ्रमण का उद्देश्य जनपद के प्रगतिशील कृषकों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधान एवं तकनीकी विकास से परिचित कराना तथा उन्हें आधुनिक एवं उन्नत कृषि पद्धतियों के साथ-साथ कृषि आधारित व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित करना है। किसान मेले में विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी विभागों एवं कृषि उद्योगों द्वारा उन्नत कृषि तकनीकों, बीजों, कृषि यंत्रों, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि उत्पादों तथा कृषि प्रसंस्करण से संबंधित प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए हैं।
भ्रमण के दौरान कृषकों को उन्नत बीज उत्पादन एवं उपयोग, फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कृषि यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक, आधुनिक सिंचाई पद्धतियों, पशुपालन, उद्यानिकी, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उप निदेशक कृषि रविकांत ने बताया कि पंतनगर से लौटने के बाद चयनित 56 प्रगतिशील कृषक किसान मेले से प्राप्त नवीन तकनीकी जानकारियों एवं अपने अनुभवों को जनपद के अन्य कृषकों के साथ साझा करेंगे। इससे जनपद में आधुनिक कृषि तकनीकों के व्यापक प्रसार, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा कृषकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी@शांतनु/INN
