घटना की शुरुआत जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में स्थित मस्जिद के बाहर से हुई। दरअसल, बस स्टैंड के पास मस्जिद के सामने सड़क किनारे लंबे समय से पत्थर पड़े थे, जिससे यातायात बाधित होता था। गुरुवार को प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में इन पत्थरों को हटाने पर सहमति बनी थी। लेकिन पत्थर हटने के बाद, रात के समय वहां लोहे की रेलिंग लगाकर बाउंड्री बनाने का प्रयास शुरू कर दिया गया, जिसे प्रशासन ने अवैध माना।
घटना का मुख्य कारण
विवाद चौमूं बस स्टैंड के पास स्थित कालंद्री मस्जिद के बाहर सड़क किनारे रखे गए पत्थरों को हटाने से शुरू हुआ।
- सहमति और उल्लंघन: गुरुवार शाम प्रशासन और समुदाय के लोगों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें लोगों ने खुद पत्थर हटाने पर सहमति जताई थी।
- विवाद की शुरुआत: पत्थर हटने के बाद, कुछ लोगों ने वहां लोहे की रेलिंग लगाकर बाउंड्री बनाने की कोशिश शुरू कर दी। शुक्रवार तड़के करीब 3:00 बजे जब पुलिस और प्रशासन की टीम इन रेलिंगों को हटाने पहुंची, तो भीड़ उग्र हो गई।
हिंसा और पुलिस पर हमला
- पथराव: जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, भीड़ ने अचानक पथराव करना शुरू कर दिया।
- घायल: इस हमले में कम से कम 6 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- वाहनों को नुकसान: उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
प्रशासन की कार्रवाई
- आंसू गैस और बल प्रयोग: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
- सुरक्षा घेरा: इलाके में तनाव को देखते हुए चौमूं, हरमाड़ा, विश्वकर्मा और दौलतपुरा सहित कई थानों की पुलिस तैनात की गई है। आरएसी (RAC) की टुकड़ियों को भी संवेदनशील स्थानों पर लगाया गया है।
- इंटरनेट पर पाबंदी: अफवाहों को रोकने के लिए संभागीय आयुक्त ने चौमूं कस्बे में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं। यह पाबंदी 27 दिसंबर, सुबह 7 बजे तक जारी रहेगी।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल चौमूं बस स्टैंड और मस्जिद के आसपास का बाजार बंद है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों से संवाद कर रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर रही है और गिरफ्तारियां शुरू कर दी गई हैं।
