उन्नाव गैंगरेप मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले आज राजधानी में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कोर्ट परिसर के बाहर माहौल उस वक्त गरमा गया जब महिला प्रदर्शनकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पीड़िता के समर्थन में उतर आए।
सड़क पर संग्राम: पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बस में भरा
सुनवाई शुरू होने से पहले ही दिल्ली की सड़कों पर ‘नारी न्याय’ के बैनर दिखाई देने लगे। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी पीड़िता का साथ देने पहुंचीं, लेकिन उन्हें पुलिसिया कार्रवाई का सामना करना पड़ा। लांबा ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें गाड़ी से उतरने तक नहीं दे रही थी। उन्होंने कहा, “हम न्याय की मांग के लिए आए हैं, लेकिन प्रशासन हमें रोकने की कोशिश कर रहा है।”
वहीं, दिल्ली महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सतबीर सिंह सड़क पर धरने पर बैठ गईं, जिन्हें बाद में पुलिस ने अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में ले लिया और बस में भरकर मौके से हटा दिया।
‘कोर्ट पर है पूरा भरोसा’: कुलदीप सेंगर के वकील
एक तरफ जहां बाहर हंगामा हो रहा था, वहीं दूसरी ओर कुलदीप सेंगर के वकील शशि त्रिपाठी ने संयमित बयान दिया। उन्होंने कहा, “हमें देश की न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है, हमारी व्यवस्था निष्पक्ष है।” अदालत के भीतर सीबीआई (CBI) का पक्ष रखने के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता खुद मौजूद रहे।
पीड़िता की उम्मीदें और सुरक्षा
महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना ने बताया कि पीड़िता कोर्ट रूम में मौजूद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार करेगा। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि अगर पिछला फैसला गलत था, तो सर्वोच्च अदालत उसे जरूर बदलेगी।”
मामले की गंभीरता:
यह सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ है जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर उसे जमानत दी गई थी। पीड़िता ने इस रिहाई को अपनी जान के लिए खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री और शीर्ष अदालत से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
