मुरादाबाद। रेलवे लाइन के किनारे दशकों से संचालित खोखों को हटाने के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा की जा रही बुलडोजर कार्रवाई फिलहाल टल गई है। सुबह से ही मौके पर बुलडोजर, GRP, RPF और सिविल पुलिस की भारी फोर्स तैनात रही, लेकिन करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद भी रेलवे अधिकारी दुकानों को ध्वस्त नहीं कर सके।

कार्रवाई में असफल रहने के बादये रेलवे अधिकारियों ने दोपहर करीब 3 बजे दुकानों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की। व्यापारियों के कड़े विरोध के बीच दो दुकानों को सील भी कर दिया गया, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया।

यू रेलवे प्रशासन ने इन खोखों को अवैध कब्जा बताते हुए दुकानदारों को 28 दिसंबर तक दुकानें खाली करने का नोटिस दिया था। बुलडोजर कार्रवाई की आशंका से घबराए कई दुकानदारों ने रविवार रात से ही अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दिया था।

इससे पहले व्यापारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें शहर विधायक रितेश गुप्ता भी शामिल हुए थे। विधायक ने व्यापारियों को आश्वासन दिया था कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को नहीं टूटने दिया जाएगा।

दोपहर करीब 12:30 बजे मौके पर GRP, RPF के साथ-साथ सिविल पुलिस और शहर के सभी थानों की फोर्स पहुंच गई। खुद एसपी सिटी भी स्थिति संभालने के लिए मौके पर मौजूद रहे। जैसे ही दुकानों को तोड़ने की तैयारी शुरू हुई, व्यापारियों ने विरोध तेज कर दिया।

मामला बढ़ता देख राजनीतिक हस्तक्षेप भी शुरू हुआ। विधायक रितेश गुप्ता ने जिलाधिकारी अनुज सिंह से फोन पर बातचीत कर कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया। विधायक ने तर्क दिया कि जब तक दुकानदारों को दूसरी जगह बसाने की व्यवस्था नहीं होती, तब तक उन्हें यहां से उजाड़ना न्यायसंगत नहीं है।

जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल रेलवे लाइन किनारे मौजूद करीब 150 खोखों पर बुलडोजर कार्रवाई रोक दी गई है। हालांकि रेलवे प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

