TMC के 8 सांसदों ने आज सुबह गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर “सरप्राइज प्रोटेस्ट” शुरू किया। वे अपने साथ “बंगाल मोदी-शाह की गंदी राजनीति को खारिज करता है” लिखे हुए पोस्टर लिए हुए थे।
- पुलिस कार्रवाई: प्रदर्शन के दौरान सांसदों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। दिल्ली पुलिस ने महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, कीर्ति आज़ाद, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, बापी हलदर और डॉ. शर्मिला सरकार को जबरन उठाकर पुलिस वैन में डाला और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ले गई।
- सांसदों का आरोप: हिरासत में लिए जाने के दौरान महुआ मोइत्रा ने कहा, “देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक निर्वाचित सांसद के साथ कैसा व्यवहार कर रही है। हम भाजपा को हराकर रहेंगे”।
विरोध का मुख्य कारण: I-PAC पर ED की छापेमारी
- छापेमारी: यह विरोध प्रदर्शन कल (8 जनवरी 2026) कोलकाता में राजनीतिक सलाहकार फर्म I-PAC के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ था।
- मामला: ED का दावा है कि कोयला तस्करी घोटाले से जुड़ी अपराध की कमाई (लगभग 10 करोड़ रुपये) हवाला के जरिए I-PAC तक पहुंचाई गई थी, जिसका इस्तेमाल 2022 के गोवा चुनावों में किया गया था।
- TMC का पक्ष: ममता बनर्जी और अन्य नेताओं का आरोप है कि ED जांच के बहाने पार्टी की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों की सूची और संवेदनशील डेटा (हार्ड डिस्क) चोरी करने की कोशिश कर रही है।
ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया और कानूनी लड़ाई
- ममता बनर्जी का दखल: कल छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के आवास पर पहुंची थीं और उन्होंने वहां से एक ‘ग्रीन फाइल’ बाहर लाते हुए कहा था कि उन्होंने पार्टी की संपत्ति की रक्षा की है।
- कोर्ट का रुख: इस मामले में अब कलकत्ता हाई कोर्ट में कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। ED ने जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है, जबकि I-PAC और TMC ने छापेमारी की वैधता को चुनौती दी है।
- आगामी कार्यक्रम: ममता बनर्जी आज दोपहर 2 बजे कोलकाता के जादवपुर 8B बस स्टैंड से हाजरा मोड़ तक एक बड़ी विरोध रैली का नेतृत्व करने वाली हैं।
