मुरादाबाद शहर स्थित पंचायत भवन सभागार में महापौर विनोद अग्रवाल एवं जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की उपस्थिति में उचित दर विक्रेताओं के लाभांश वृद्धि के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उचित दर विक्रेताओं के लिए शासन द्वारा लाभांश में की गई वृद्धि की जानकारी दी गई तथा खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्री विनोद अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के लगभग 78 हजार उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गरीब एवं पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्यान्न के वितरण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। उचित दर विक्रेता शासन की योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ ही पात्र लाभार्थियों को उनका हक ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराएं।
महापौर ने कहा कि अन्नपूर्णा भवन योजना से भी उचित दर विक्रेताओं और लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा राशन वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने बताया कि उचित दर विक्रेताओं का लाभांश पहले ₹70 प्रति कुंतल, इसके बाद ₹90 प्रति कुंतल और अब बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल किया गया है। उन्होंने कहा कि लाभांश में वृद्धि से उचित दर विक्रेताओं की आय में वृद्धि होगी और वे अधिक उत्साह एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। मा. मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार उचित दर विक्रेता अब अन्नपूर्णा केंद्र संचालक के रूप में भी कार्य करेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद मुरादाबाद में लगभग 5 लाख 47 हजार राशन कार्ड, करीब 22 लाख यूनिट तथा 1,219 उचित दर विक्रेता हैं। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ई-पॉश मशीन के माध्यम से लाभार्थी की पहचान एवं अंगूठा प्रमाणीकरण के बाद ही खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। इससे राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है और पात्र लाभार्थियों को उनका अधिकार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिली है। वर्तमान व्यवस्था में जिस लाभार्थी का अंगूठा प्रमाणीकरण होगा, उसी के नाम पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित किया जाता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व में उचित दर विक्रेताओं एवं राशन वितरण व्यवस्था से संबंधित शिकायतें प्राप्त होती थीं। शासन द्वारा लगातार किए गए तकनीकी एवं प्रशासनिक सुधारों के फलस्वरूप अब खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया के संकल्प के अनुरूप सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भी तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है@शांतनु/INN
