मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते विवाद के बीच INDIA ब्लॉक के 19 विपक्षी दल सोमवार को दिल्ली में बड़ा मार्च निकालेंगे। विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक करीब 3 किलोमीटर पैदल मार्च करेंगे। इस मार्च को ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ नाम दिया गया है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग से पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहा है।
तीन प्रमुख मुद्दों पर विपक्ष एकजुट
30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति तय की।
विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने, वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों का विवरण सार्वजनिक करने और नाम हटाने से पहले संबंधित मतदाता को नोटिस देकर अपील का अवसर देने की मांग शामिल है।
इसके अलावा विपक्षी दल EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठा रहे हैं।
वोटर लिस्ट को लेकर पारदर्शिता की मांग
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की प्रक्रिया की जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर सार्वजनिक होनी चाहिए। किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे इसकी जानकारी और कानूनी रूप से अपील का मौका मिलना चाहिए।
विपक्षी दलों ने यह भी मांग रखी है कि भविष्य के चुनावों में SIR से पहले वाली मतदाता सूची को आधार बनाया जाए, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से बाहर न हों।
लोकसभा में 178 सांसदों का समर्थन
इस मार्च में शामिल होने वाली 19 विपक्षी पार्टियों के पास लोकसभा में कुल 178 सांसद और राज्यसभा में 62 सांसद बताए गए हैं। इनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, NC, PDP, JMM, CPI-ML, IUML, KC (M), MDMK, VCK, RSP, AIFB और KC (J) शामिल हैं।
इससे पहले भी हो चुका है मार्च
SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष इससे पहले भी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर चुका है। 11 अगस्त 2025 को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला था। उस प्रदर्शन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार समेत कई विपक्षी नेता और सांसद शामिल हुए थे।
अब एक बार फिर विपक्षी दल दिल्ली की सड़कों पर उतरकर चुनाव आयोग के सामने अपनी मांगें रखने की तैयारी में हैं।
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