प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के नवनियुक्त चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (Friedrich Merz) ने आज, 12 जनवरी 2026 को अहमदाबाद में भारत-जर्मनी के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्तों की एक नई तस्वीर पेश की। चांसलर मर्ज़ की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा और किसी भी एशियाई देश का उनका पहला दौरा है।
साबरमती आश्रम में श्रद्धांजलि: प्रधानमंत्री मोदी ने चांसलर मर्ज़ का स्वागत अहमदाबाद के ऐतिहासिक साबरमती आश्रम में किया। दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। चांसलर ने आश्रम के ‘हृदय कुंज’ का दौरा किया, चरखा चलाने की कला देखी और विजिटर्स बुक में अपना संदेश भी लिखा।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026: आश्रम के बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहाँ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया। इस वर्ष महोत्सव में 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज और भारत के विभिन्न राज्यों के सैकड़ों प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
‘काइट डिप्लोमेसी’: प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ को रिवरफ्रंट पर एक साथ पतंग उड़ाते हुए देखा गया। इस अवसर पर आसमान में भगवान हनुमान और दोनों नेताओं के चित्रों वाली विशेष पतंगें आकर्षण का केंद्र रहीं।
रणनीतिक बैठक और समझौते: अहमदाबाद के कार्यक्रमों के बाद, दोनों नेता गांधीनगर के महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह बैठक भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है। चर्चा के मुख्य विषय निम्नलिखित हैं:
- रक्षा और सुरक्षा: रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन पर विशेष जोर।
- आर्थिक सहयोग: $51 बिलियन के वर्तमान व्यापार को और बढ़ाने के लिए बिजनेस लीडर्स के साथ चर्चा।
- हरित ऊर्जा और तकनीक: हाइड्रोजन ऊर्जा और तकनीकी आदान-प्रदान पर नए समझौतों की संभावना।
आगामी कार्यक्रम: चांसलर मर्ज़ का यह दो दिवसीय दौरा (12-13 जनवरी) है, जिसके तहत वे 13 जनवरी को बेंगलुरु जाएंगे। वहां वे जर्मन कंपनी बॉश (Bosch) और नैनो साइंस एवं इंजीनियरिंग केंद्र (CeNSE) का दौरा करेंगे।
