तमिल अभिनेता और ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ (TVK) के प्रमुख थलापति विजय आज, 12 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए हैं। यह पूछताछ 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ (Stampede) के मामले में की जा रही है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी।
घटना की पृष्ठभूमि
तारीख और स्थान: हादसा 27 सितंबर 2025 की शाम करीब 7:45 बजे करूर के वेलुसामिपुरम में हुआ था।
कारण: विजय की रैली में क्षमता से अधिक भीड़ उमड़ पड़ी थी। रिपोर्ट के अनुसार, 10,000 लोगों की क्षमता वाले स्थान पर लगभग 30,000 लोग जमा हो गए थे。
मौतें: इस हादसे में 41 लोगों की मौत हुई, जिनमें कई महिलाएं और 9 बच्चे शामिल थे।
CBI पूछताछ के मुख्य बिंदु
सीबीआई विजय से निम्नलिखित पहलुओं पर जवाब मांग रही है:
7 घंटे की देरी: विजय को दोपहर 12 बजे पहुंचना था, लेकिन वे शाम 7:40 बजे पहुंचे। इतनी देर तक भीषण गर्मी में भूखी-प्यासी भीड़ का इंतजार करना भगदड़ का एक बड़ा कारण माना जा रहा है。
सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन: क्या रैली के आयोजकों ने पुलिस द्वारा दी गई शर्तों और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन किया था?
संगठनात्मक चूक: भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त स्वयंसेवकों और बुनियादी सुविधाओं (पानी, भोजन) की कमी क्यों थी।
अभियान बस की जांच: सीबीआई ने हाल ही में विजय की प्रचार बस (Campaign Bus) को भी जब्त किया है और उसके ड्राइवर से पूछताछ की है ताकि रैली के दिन के यात्रा रूट और लॉग्स का मिलान किया जा सके।
जांच का घटनाक्रम
SIT से CBI को हस्तांतरण: शुरुआत में तमिलनाडु पुलिस की SIT जांच कर रही थी, लेकिन TVK की याचिका और मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2025 में जांच सीबीआई को सौंप दी।
सुपरविजन: इस पूरी जांच की निगरानी पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति कर रही है。
गवाह या संदिग्ध: विजय को फिलहाल गवाह (Witness) के तौर पर बुलाया गया है, लेकिन उनके बयानों और साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी चार्जशीट दाखिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
राजनीतिक हलचल
यह पूछताछ 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हो रही है। विजय की पार्टी TVK ने इसे सत्तारूढ़ DMK की एक “राजनीतिक साजिश” करार दिया है, जबकि अन्य विपक्षी दलों ने जवाबदेही तय करने की मांग की है।
