उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी (वाराणसी) को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रम और अफवाहों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि काशी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक छवि को धूमिल करने के लिए सुनियोजित साजिश की जा रही है।
CM योगी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहर से टूटी हुई मूर्तियां लाकर यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि काशी में धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने साफ कहा कि यह सब भ्रम फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी भारत की आध्यात्मिक राजधानी है और इसकी आस्था, परंपरा और विरासत पर हमला करने वालों को सरकार किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जो भी तत्व माहौल खराब करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार काशी के विकास और संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चाहे विश्वनाथ कॉरिडोर हो या अन्य परियोजनाएं, सभी काम कानून और परंपराओं के अनुरूप किए जा रहे हैं। किसी भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी भ्रामक जानकारी को फैलाने से बचें। CM योगी ने कहा कि काशी की गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और साजिशें कभी सफल नहीं होंगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया और कुछ मंचों पर काशी को लेकर विवादित दावे किए जा रहे हैं, जिन पर अब सरकार ने खुलकर अपना पक्ष रख दिया है।
