नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उस पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई दिसंबर में हुई बड़े पैमाने की उड़ान रद्द और देरी की घटनाओं को लेकर की गई है, जिनसे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी।
कब और कैसे बिगड़ी स्थिति
DGCA की जांच में सामने आया कि 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो का ऑपरेशनल सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया। इस दौरान करीब 2500 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं और 1800 से अधिक फ्लाइट्स देरी से चलीं। इसका सीधा असर 3 लाख से ज्यादा यात्रियों पर पड़ा, जो देश के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर फंसे रह गए।
DGCA ने क्या खामियां पाईं
जांच में पाया गया कि इंडिगो ने Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमों को ठीक से लागू नहीं किया।
क्रू शेड्यूलिंग में गड़बड़ी, रोस्टर प्लानिंग की कमी, ऑपरेशनल बैक-अप का अभाव और सिस्टम फेलियर जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। DGCA ने इसे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए गंभीर खतरा बताया।
जुर्माने का पूरा ब्योरा
DGCA ने इंडिगो पर कुल ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
इसमें ₹1.80 करोड़ सिस्टमेटिक फेल्योर के लिए और ₹20.40 करोड़ लगातार नियम उल्लंघन के लिए लगाया गया है। इसके साथ ही एयरलाइन को ₹50 करोड़ की बैंक गारंटी जमा करने का निर्देश भी दिया गया है।
मैनेजमेंट पर सीधी कार्रवाई
डीजीसीए ने इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है. एयरलाइन के सीईओ को उड़ान संचालन और संकट प्रबंधन में समग्र निगरानी की कमी को लेकर चेतावनी दी गई है. अकाउंटेबल मैनेजर यानी सीओओ को विंटर शेड्यूल 2025 और संशोधित उड़ान ड्यूटी समय सीमा नियमों के असर का सही आकलन न करने पर चेतावनी जारी की गई है. वहीं सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने और भविष्य में किसी भी जवाबदेह पद पर नियुक्त न करने के निर्देश दिए गए हैं.
यात्रियों के लिए निर्देश
DGCA ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई थीं, उन्हें पूरा रिफंड और तय मुआवजा दिया जाए। नियामक के अनुसार, अधिकांश यात्रियों को रिफंड पहले ही दिया जा चुका है, लेकिन इसकी लगातार निगरानी की जाएगी।
इंडिगो का पक्ष
इंडिगो की ओर से कहा गया है कि कंपनी DGCA के आदेशों का पालन करेगी और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए अपने ऑपरेशनल सिस्टम और क्रू मैनेजमेंट में सुधार करेगी।
क्यों अहम है यह कार्रवाई
एविएशन सेक्टर के जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई सिर्फ इंडिगो के लिए नहीं, बल्कि सभी एयरलाइंस के लिए एक कड़ा संदेश है कि यात्रियों की सुरक्षा और सेवा में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
