- कल से पांच दिन तक देश भर से जुटेंगीं कला, साहित्य, संस्कृति, रंगमंच की प्रतिभाएं
- कल गुरुवार को दोपहर दो बजे दुष्यंत मंच पर होगा महोत्सव का भव्य और ऐतिहासिक शुभारंभ
मुरादाबाद। शहर की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय फलक पर प्रतिष्ठित करने के लिए से 22 से 26 जनवरी 2026 तक मुरादाबाद में एक भव्य साहित्य–संस्कृति महोत्सव उदीषा का आयोजन किया जा रहा है। पाँच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में साहित्य, शायरी, संगीत, रंगमंच, सिनेमा, लोक–संस्कृति और समकालीन सामाजिक विमर्श से जुड़े देश के प्रतिष्ठित रचनाकार, कलाकार और विचारक सहभागिता करेंगे। बुद्धि विहार के गांधी मैदान में आयोजित हो रहे इस महोत्सव में एक साथ विभिन्न मंचों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संगीत, रंगमंच और स्टार नाइट से भव्य शुभारंभ
पहले दिन गुरुवार को दोपहर दो बजे औपचारिक उद्घाटन के बाद महोत्सव की शुरुआत “मुरादाबाद के संगीत घराने” विषयक सत्र से होगी। इस सत्र में उस्ताद गुलाम अब्बास खान और सुनंदा शर्मा अपने अनुभव और संगीत की परंपरा साझा करेंगे। इसके बाद अभिनेता आशुतोष राणा रंगमंच और फिल्मों की भाषा-संस्कृति पर संवाद करेंगे। शाम को स्टार नाइट कॉन्सर्ट में प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह अपने सुरों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
दूसरे दिन 23 जनवरी को सुबह थिएटर सत्र में यथाक्रम समूह प्रस्तुति देंगे। इसके बाद रामलीला और स्टोरी टेलिंग सत्र का आयोजन होगा। दोपहर में “हमारे जौन एलिया” सत्र में मुंतज़िर फ़िरोज़ाबादी अपने विचार साझा करेंगे। इसके बाद “सांस्कृतिक प्रदूषण: समस्या एवं समाधान” विषय पर डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी, सुधीर गुप्ता, राजीव चौहान और मीनाक्षी ठाकुर चर्चा करेंगे। फिर मुरादाबाद की गीत यात्रा: विरासत से वर्तमान सत्र में डॉ. प्रेमवती उपाध्याय, योगेंद्र वर्मा व्योम और मयंक शर्मा शहर की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इसके पश्चात वसीम बरेलवी “जहाँ रहेगा वहीं रोशनी लुटाएगा” सत्र में अपने शेरों और गज़लों के माध्यम से जीवन और भावनाओं की गहराई समझाएंगे। आलोकनामा सत्र में आलोक श्रीवास्तव उपस्थित रहेंगे। हिंद का सितारा: भोजपुरी समाज और संस्कृति सत्र में मनोज तिवारी इस परंपरा की महत्ता को और प्रबल करेंगे। शास्त्रीय गायन सत्र में पं. साजन मिश्र श्रोताओं को संगीत की अनुभवगाथा से रूबरू कराएंगे। वहीं स्टार नाइट में मनोज तिवारी संगीत प्रेमियों को झूमने पर मजबूर करेंगे।
तीसरे दिन 24 जनवरी की शुरुआत सृजनात्मक लेखन सत्र से होगी। इस सत्र में डॉ. मधु पंत और रश्मि मार्गदर्शन करेंगी। इसके बाद रस, रिवायत और रसोई सत्र में सदफ़ हुसैन और ईशान शर्मा श्रोताओं को सांस्कृतिक और साहित्यिक यात्रा पर ले जाएंगे। मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा के दौरान विशेषज्ञ दर्शकों को विचारों और सुझावों से लाभान्वित करेंगे। इसी क्रम में आकाशवाणी और एफएम की बदलती दुनिया, मुरादाबाद में उर्दू ग़ज़ल: कल, आज और कल, और डिजिटल युग में बाल साहित्य विषयक सत्र भी आयोजित होंगे। माटी, बोली और मानुष सत्र में कई जानी-मानी हस्तियां हिस्सा लेंगी। सोशल मीडिया और पत्रकारिता पर सत्र में सौरभ द्विवेदी अपने अनुभव साझा करेंगे, जबकि चेतन भगत जेन जी की कहानियों के माध्यम से युवाओं के मन की हलचल को समझाएंगे। स्टार नाइट में सोना महापात्रा अपने संगीत से दिलों की तारों को छेड़ेगी।
चौथे दिन 25 जनवरी को एआई और रचनात्मकता, प्रशासन और साहित्य, मुरादाबाद की धरोहर और समकालीन सामाजिक प्रश्नों पर चर्चा होगी। इसके अलावा टेम्पल इकोनॉमिक्स पर संदीप सिंह और आचार्य प्रमोद कृष्णम अपने विचार रखेंगे। हिडेन हिंदू सत्र में अक्षत गुप्ता लोगों की समझ को नई दिशा देंगे। शाम को कव्वाली में नियाजी ब्रदर्स समां बांधेंगे। इसके बाद कवि सम्मेलन और मुशायरा आयोजित होगा।
महोत्सव का अंतिम दिन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष सत्रों के साथ होगा। “मुरादाबाद की धरा में सुरों का ओजस” सत्र में ओजेश प्रताप सिंह प्रस्तुति देंगे। इसके बाद “रंगकर्म का भविष्य: ओटीटी और माइक्रो फिल्म के दौर में” सत्र में अमिताभ श्रीवास्तव, अशोक पाठक और प्रमोद सिंह सहभाग करेंगे। “ऑपरेशन सिंदूर: मीडिया, मिथक और जनभावनाएँ” विषय पर मेजर जनरल बिपिन बख्शी, अजय सिंह (कर्नल) और अभिषेक अग्रवाल संवाद करेंगे। शाम को “पुस्तकें: कितनी पास, कितनी दूर” सत्र में अलिंद माहेश्वरी और अदिति माहेश्वरी उपस्थित रहेंगे। इसके पश्चात “क़लम, फूल, बंदूक: लोकप्रिय का लोक” सत्र में शैलेश भारतवासी और गौतम राजऋषि चर्चा करेंगे। शाम को “अपने-अपने राम” में कुमार विश्वास की उपस्थिति महोत्सव को गरिमामय समापन की ओर ले जाएगी।
ये सितारे बिखेरेंगे चमक
अभिनेता आशुतोष राणा, प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह, शायर वसीम बरेलवी, शास्त्रीय गायक पं. साजन मिश्र, गायक मनोज तिवारी और सोना महापात्रा की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहेंगी। नई पत्रकारिता के स्थापित नाम सौरभ द्विवेदी और जेन जी के लोकप्रिय लेखक चेतन भगत भी महोत्सव का हिस्सा होंगे। इसके अलावा लेखक अक्षत गुप्ता, नियाजी ब्रदर्स तथा सुप्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास की उपस्थिति आयोजन को और गरिमा प्रदान करेगी।
माहेश्वर तिवारी के नाम पर दिया जाएगा सम्मान
मुरादाबाद। उदीषा साहित्योत्सव में इस वर्ष प्रख्यात दिवंगत नवगीतकार माहेश्वर तिवारी पुरस्कार भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसकी राशि एक लाख रूपये है। इस पुरस्कार के निर्णायक मंडल में मशहूर शायर डा. वसीम बरेलवी और कवि कुमार विश्वास शामिल होंगे। इसके अलावा स्थानीय साहित्यकारों के लिए भी अवसर प्रदान किया गया है; जो लेखक अपनी रचनाओं का प्रकाशन करवाना चाहते हैं, वे अपनी पांडुलिपि भेज सकते हैं।
उदिषा से राष्ट्रीय फलक पर स्थापित होगी मुरादाबाद की पहचान
मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि उदीषा साहित्य- संस्कृति महोत्सव मुरादाबाद की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन साहित्य, संगीत, रंगमंच और विचार के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आयोजन समिति मिलकर इस महोत्सव को गरिमापूर्ण, सुरक्षित और सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। अतिथियों की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की सहभागिता को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है। यह महोत्सव मुरादाबाद की रचनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देगा।
कार्यक्रमों के लिए बनाए गए हैं छह मंच
दुष्यंत मंच
जौन एलिया जोन
रामगंगा लान्स
शारदा मंडप
भिखारी ठाकुर मंच
स्पंदन सरोवर
ये भी रहेंगे आकर्षण
वैदिक विलेज
पुस्तक मेला (शब्द दीर्घा)
सरस आजीविका मेला
गेम्स आर्केड
लोकनृत्य
कला एवं फोटो गैलरी
फूड फेस्टिवल
पुरी का समुद्र तट उदीषा साहित्योत्सव में

उदीषा साहित्योत्सव में इस वर्ष पद्मश्री से सम्मानित, विश्वप्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक विशेष आकर्षण होंगे। विश्व के 100 से अधिक देशों में अपनी रेत कला का प्रदर्शन कर चुके सुदर्शन पटनायक मुरादाबाद में पुरी के समुद्र तट की जीवंत अनुभूति प्रस्तुत करेंगे। उनकी रचनाएँ न केवल सौंदर्यबोध का विस्तार करेंगी, बल्कि कला और सामाजिक चेतना के गहरे भाव भी अभिव्यक्त करेंगी।
ये रहेंगे आज के आकर्षण
शुरुआत शाम चार बजे “मुरादाबाद के संगीत घराने” विषयक सत्र से होगी, जिसमें उस्ताद गुलाम अब्बास खान और सुनंदा शर्मा मौजूद रहेंगे। शाम पांच बजे “रंगमंच और फ़िल्मों की भाषा–संस्कृति” विषय पर अभिनेता आशुतोष राणा संवाद करेंगे। शाम सात बजे स्टार नाइट कॉन्सर्ट ‘चल छैयाँ छैयाँ…’ में प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह अपने सुरों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
