आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिली है। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी किया और शिकायतकर्ता को याचिका की कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच से कहा है कि 20 अगस्त को होने वाली प्रस्तावित सुनवाई को फिलहाल टाल दिया जाए। साथ ही सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों को हाई कोर्ट के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश नहीं करने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की याचिका से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका पर सीबीआई और ईडी से जांच कराने का आदेश दिया था। इसी आदेश को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। शिकायत में राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है और इसे उनकी घोषित आय से अधिक बताया गया है।
कपिल सिब्बल ने उठाए प्रक्रिया पर सवाल
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई की प्रक्रिया असामान्य रही। उनका कहना था कि शिकायतकर्ता का सीधे तौर पर मामले से संबंध नहीं है, फिर भी उसकी याचिका पर बंद कमरे में सुनवाई हुई।
सिब्बल ने यह भी आरोप लगाया कि सीलबंद लिफाफे में अदालत को दी गई जानकारी मीडिया तक पहुंच रही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी का पक्ष सुने बिना एकतरफा तरीके से कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
शिकायतकर्ता ने किया याचिका का विरोध
सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े शिकायतकर्ता विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी की याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के स्तर पर प्रस्तावित आरोपी को सुनना जरूरी नहीं है। हालांकि, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से याचिका की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि वह अपना जवाब दाखिल कर सकें। कोर्ट ने इस मांग पर सहमति जताई।
सीबीआई ने कहा- अभी केवल शुरुआती जांच
सीबीआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि फिलहाल एजेंसी केवल प्रारंभिक जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही एफआईआर दर्ज करने को लेकर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस स्तर पर आरोपों को सही या गलत बताना संभव नहीं है और प्रारंभिक जांच को रोकने की जरूरत नहीं है।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जोयमाल्या बागची ने सीबीआई की दलील पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर आरोप इतने गंभीर हैं तो एजेंसी ने अब तक स्वतः कार्रवाई क्यों नहीं की। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके सामने फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका है, जिस पर वह विचार करेगी।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाई कोर्ट की प्रस्तावित 20 अगस्त की सुनवाई टल गई है और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पेश करने पर भी रोक बनी रहेगी।
