मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। जांच एजेंसी ने भोपाल की विशेष अदालत में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। करीब पांच महीने पहले हुई इस घटना की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। चार्जशीट में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।
सीबीआई के मुताबिक, शादी के बाद ट्विशा को कथित तौर पर दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। जांच एजेंसी ने जबरन गर्भपात और लगातार उत्पीड़न के आरोपों को भी जांच का हिस्सा बनाया है। सीबीआई का दावा है कि ससुराल पक्ष की प्रताड़ना ने ट्विशा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में अहम भूमिका निभाई।
जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108, 80(2) और 85 के तहत आरोप लगाए हैं। इसके अलावा दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं।
दिल्ली एम्स की रिपोर्ट में ट्विशा की मौत को फांसी लगाकर आत्महत्या बताया गया है। हालांकि, सीबीआई ने अपनी जांच में कथित घरेलू प्रताड़ना को आत्महत्या के पीछे प्रमुख कारण माना है।
मामले में समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह 2 जून से न्यायिक हिरासत में हैं। चार्जशीट तय समय सीमा के भीतर दाखिल होने के बाद अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में चलेगी। दोनों पक्ष चार्जशीट में दर्ज तथ्यों और सबूतों के आधार पर अपनी दलीलें रखेंगे।
क्या है पूरा मामला?
नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की शादी वर्ष 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ की मां गिरिबाला सिंह मध्य प्रदेश की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं।
शादी के करीब पांच महीने बाद 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा का शव फंदे से लटका मिला था। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि ट्विशा के माता-पिता और भाई ने मामले को संदिग्ध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे।
मामला सामने आने के बाद देशभर में चर्चा हुई और बाद में इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई। अब एजेंसी की 636 पन्नों की चार्जशीट के बाद मामले की सुनवाई अदालत में आगे बढ़ेगी।
