मुरादाबाद।विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की सोच को ज़मीनी हकीकत में बदलते हुए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने वित्तीय मोर्चे पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। शासन द्वारा लागू मॉडल बिल्डिंग उपविधि एवं मॉडल जोनिंग रेगुलेशन-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन से प्राधिकरण की आय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्राधिकरण की ओर से शासनादेश के तहत नई उपविधियों और जोनिंग रेगुलेशन-2025 को लागू करने से पहले जन-सामान्य को प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जागरूक किया गया, ताकि लोग शासन द्वारा दी गई सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें। इसके सकारात्मक और दूरगामी परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं।
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की कुल आय लगभग 70 करोड़ रुपये रही थी। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह आय करीब 68 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
सबसे अहम उपलब्धि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में सामने आई है, जहां पहली तिमाही में ही प्राधिकरण को लगभग 80 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है, जिसे शासन की मंजूरी भी मिल चुकी है।
अधिकारियों के अनुसार, यह आय समान विकास क्षेत्र वाले अन्य विकास प्राधिकरणों की तुलना में कहीं अधिक है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक एमडीए की कुल आय 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकती है, जो प्राधिकरण के इतिहास में एक नया कीर्तिमान होगा।
मॉडल बिल्डिंग उपविधि और जोनिंग रेगुलेशन-2025 से न केवल भवन निर्माण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जन-हितैषी बनाया गया है, बल्कि इससे प्राधिकरण की आर्थिक मजबूती भी बढ़ी है। आने वाले समय में इससे मुरादाबाद शहर के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
