रामपुर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को बड़ी कानूनी राहत मिली है। मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने रामपुर जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या बुलडोजर कार्रवाई अगले आदेश तक नहीं की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन के आदेश को चुनौती दिए जाने के बाद मंडलायुक्त ने मामले में अंतरिम राहत प्रदान की है। अब संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन को किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई से रोक दिया गया है।
हालांकि इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को प्रस्तावित थी, लेकिन न्यायालय में शोक अवकाश (कंडोलेंस) के कारण हड़ताल रहने से सुनवाई अब अगले कार्य दिवस पर होने की संभावना है।
गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। आदेश में विश्वविद्यालय परिसर के 40 में से 38 भवनों को अवैध बताते हुए उन्हें गिराने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी।
आरडीए के आदेश के बाद रामपुर में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया था। विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर छात्रों ने लगातार धरना शुरू कर दिया, जबकि समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी ध्वस्तीकरण के विरोध में प्रदर्शन किए। विपक्षी दलों ने कार्रवाई को अनुचित बताते हुए इसे रोकने की मांग उठाई थी।
अब मंडलायुक्त द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों को फिलहाल राहत मिल गई है। वहीं जिला प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई भी अगले आदेश तक स्थगित रहेगी। मामले की अगली सुनवाई और मंडलायुक्त के अंतिम निर्णय पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं@जफर/INN
