अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह का इस्तीफा एक प्रशासनिक पहेली बन गया है। हालाँकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सम्मान में इस्तीफा देने का भावुक ऐलान किया था, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, शासन और राज्य कर आयुक्त कार्यालय को अभी तक उनका आधिकारिक त्यागपत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
इस्तीफे का कारण:
प्रशांत सिंह ने दावा किया कि वह शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई टिप्पणियों से आहत थे और उनके सम्मान में पद छोड़ रहे हैं।
शासन की स्थिति:
सूत्रों के मुताबिक, शासन और विभाग के पास कोई लिखित इस्तीफा नहीं पहुँचा है, जिससे उनकी मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
गंभीर आरोप:
उनके सगे भाई, डॉ. विश्वजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रशांत सिंह ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल की थी। भाई का दावा है कि जाँच और कानूनी कार्रवाई (रिकवरी) से बचने के लिए उन्होंने इस्तीफे का “नाटक” किया है।
जाँच प्रक्रिया:
उत्तर प्रदेश शासन ने अब प्रशांत सिंह की पूरी सर्विस रिपोर्ट तलब की है और मेडिकल बोर्ड के सामने उनके पेश न होने के मामले की भी जाँच की जा रही है।
