वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में देश का आम बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा। बजट में युवाओं और किसानों के लिए कई अहम योजनाओं और घोषणाओं का ऐलान किया गया है। हालांकि, मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स स्लैब में किसी भी तरह की राहत नहीं मिली, जिससे लोगों में निराशा देखने को मिली।
बजट पेश होते ही इसका असर शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स में जोरदार बिकवाली देखने को मिली और बाजार 2,000 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।
केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घरेलू विनिर्माण को गति देने और आम लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में कई बड़े बदलाव किए हैं। इन फैसलों का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है। बजट के बाद कुछ जरूरी चीजें सस्ती होंगी, जबकि कई उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं। आइए जानते हैं कि इस बजट में क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा।
क्या हुआ सस्ता?
दवाइयों में बड़ी राहत
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं और दुर्लभ बीमारियों की 7 दवाओं को पूरी तरह सीमा शुल्क मुक्त कर दिया है। वहीं, व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली दवाओं पर कस्टम ड्यूटी 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे इलाज का खर्च कम हो सकता है।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान
देश में बने स्मार्टफोन और टैबलेट की कीमतों में राहत मिलने की संभावना है। कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले पैनल जैसे अहम कंपोनेंट्स पर शुल्क घटाया गया है। इसके अलावा, माइक्रोवेव ओवन के कुछ हिस्सों पर भी कस्टम ड्यूटी में कटौती की गई है।
इलेक्ट्रिक वाहन (EV)
ईवी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे लिथियम और कोबाल्ट पर सीमा शुल्क कम किया गया है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत घटने और कीमतें सस्ती होने की उम्मीद है।
जूते और कपड़े
चमड़े के जूते और कपड़ा उद्योग को राहत देते हुए इनके कच्चे माल के आयात पर शुल्क घटाया गया है। सरकार का लक्ष्य निर्यात बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू बाजार में भी कीमतों को नियंत्रित रखना है।
खेल उपकरण
‘खेलो इंडिया’ मिशन को मजबूती देने के लिए खेलों से जुड़े सामान को सस्ता किया गया है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर और किफायती उपकरण मिल सकें।
हवाई यात्रा (लंबी अवधि में राहत)
नागरिक विमानों के पुर्जों और मेंटेनेंस (MRO) से जुड़े कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। इससे आने वाले समय में विमानन कंपनियों की लागत घट सकती है और टिकट सस्ते होने की संभावना बन सकती है।
सोलर और CNG
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर सिस्टम पर लगने वाले टैक्स घटाए गए हैं। इसके साथ ही CNG की लागत में भी राहत मिलने के संकेत हैं।
क्या हुआ महंगा?
तंबाकू और सिगरेट
बजट में सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नई एक्साइज ड्यूटी और ‘सिन टैक्स’ लगाने का प्रस्ताव किया गया है। इससे इन उत्पादों की कीमतें बढ़ गई हैं।
विदेशी शराब
आयातित शराब पर लगने वाले शुल्कों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे विदेशी शराब अब और महंगी हो जाएगी।
लग्जरी सामान
विदेश से आने वाले परफ्यूम, महंगे जूते, कपड़े और लग्जरी घड़ियों पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है। इसका असर सीधे तौर पर हाई-एंड उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा।
सोना और चांदी
कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में बदलाव के चलते घरेलू बाजार में सोने और चांदी के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे निवेशकों और खरीदारों पर असर पड़ेगा।
शेयर बाजार में ट्रेडिंग
शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में भारी बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद बाजार में ट्रेडिंग करना अब पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा।
निष्कर्ष
बजट 2026-27 में सरकार ने एक तरफ घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और स्वास्थ्य जैसे जरूरी क्षेत्रों को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर तंबाकू, लग्जरी वस्तुओं और शेयर बाजार में सट्टेबाजी पर सख्ती दिखाई है। कुल मिलाकर, यह बजट जरूरत और विलासिता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता नजर आता है।
