प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 13 फरवरी 2026 को, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ (Seva Teerth) का उद्घाटन किया है। इसके साथ ही दशकों से चला आ रहा पीएमओ का पता साउथ ब्लॉक से बदलकर अब नया और स्थायी हो गया है।
‘सेवा तीर्थ’ और उद्घाटन से जुड़ी मुख्य बातें:
- ऐतिहासिक स्थानांतरण: आजादी के बाद यह पहली बार है जब पीएमओ को उसके पारंपरिक ठिकाने साउथ ब्लॉक से हटाकर नई इमारत में शिफ्ट किया गया है।
- एकीकृत परिसर: सेवा तीर्थ परिसर में न केवल पीएमओ, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय को भी एक ही छत के नीचे लाया गया है।
- कर्तव्य भवन का उद्घाटन: पीएम ने सेवा तीर्थ के साथ-साथ ‘कर्तव्य भवन 1’ और ‘कर्तव्य भवन 2’ का भी उद्घाटन किया, जहाँ रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य और कृषि जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालय स्थित होंगे।
- आधुनिक सुविधाएँ: यह नया परिसर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप बनाया गया है। इसमें अक्षय ऊर्जा, जल संरक्षण और उच्च सुरक्षा वाली डिजिटल प्रणालियाँ शामिल हैं।
- नामकरण का उद्देश्य: सरकार ने औपनिवेशिक विरासत को पीछे छोड़ने के प्रयास में साउथ ब्लॉक का नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट का नाम ‘कर्तव्य भवन’ रखा है।
पुराने कार्यालय यानी साउथ और नॉर्थ ब्लॉक को अब ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ (Yuge Yugeen Bharat Sangrahalaya) में बदला जाएगा, जो दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय होगा।
