मुरादाबाद। स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान सील होने के बाद अब अभिभावकों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। संस्थान के संचालक विवेक ठाकुर की ओर से सोशल मीडिया पर कभी ऑनलाइन तो कभी ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अभिभावकों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अभिभावकों का कहना है कि उनसे पूरे सत्र के लिए ऑफलाइन कक्षाओं की मोटी फीस ली गई थी। इसके अतिरिक्त “स्टडी रूम” जैसी सुविधाओं के नाम पर भी हजारों रुपये वसूले गए, लेकिन संस्थान सील होने के बाद न तो ऑफलाइन पढ़ाई हो पा रही है और न ही उनके पैसे वापस किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लगातार सामने आ रही प्रतिक्रियाओं में कई अभिभावकों ने ऑनलाइन कक्षाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन क्लास के दौरान बार-बार तकनीकी समस्याएं आती हैं, इंटरनेट कनेक्शन टूट जाता है, शिक्षक समय पर जुड़ नहीं पाते और कई बार छात्रों को लंबे समय तक वेटिंग में रहना पड़ता है। अभिभावकों का आरोप है कि ऐसी व्यवस्था ऑफलाइन पढ़ाई का विकल्प नहीं हो सकती।
कई अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया है कि संस्थान की फीस नीति बेहद कठोर है। उनका कहना है कि नियमों का हवाला देकर ऑफलाइन कक्षाओं के लिए जमा की गई फीस वापस करने से इनकार किया जा रहा है, जबकि जिन सेवाओं के लिए शुल्क लिया गया था, वे उपलब्ध ही नहीं कराई जा रही हैं।
सीलिंग के बाद छात्रों के भविष्य को लेकर भी अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो रहा है, लेकिन संस्थान की ओर से स्पष्ट और भरोसेमंद समाधान नहीं दिया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें केवल सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थिति उससे अलग दिखाई दे रही है।
सोशल मीडिया पर विवेक ठाकुर के खिलाफ लगातार बढ़ती प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत हैं कि अभिभावकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। अनेक लोगों ने मांग की है कि यदि संस्थान ऑफलाइन पढ़ाई कराने की स्थिति में नहीं है तो विद्यार्थियों की फीस पारदर्शी तरीके से वापस की जाए, ताकि वे किसी अन्य संस्थान में अपना प्रवेश लेकर पढ़ाई जारी रख सकें।
हालांकि, इन आरोपों पर स्कॉलर्स डेन या विवेक ठाकुर की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यदि संस्थान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा@शांतनु/INN
