मुरादाबाद। नगर निगम ने शहर को एक अनूठी पहचान देते हुए लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक वॉर मेमोरियल का निर्माण कराया है। बुद्धि विहार में दिल्ली रोड पर सर्किट हाउस के पीछे करीब 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित इस स्मारक का आधिकारिक नाम ‘त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय’ रखा गया है। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अपने प्रकार का पहला डिजिटल युद्ध स्मारक माना जा रहा है।
शुक्रवार को सैन्य अधिकारियों की एक टीम ने संग्रहालय पहुंचकर तैयारियों का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रदर्शनी व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और डिजिटल प्रस्तुतीकरण का जायजा लिया। यह संग्रहालय भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के शौर्य और बलिदान को समर्पित है।

उद्घाटन कार्यक्रम फिलहाल स्थगित
नगर निगम ने उद्घाटन के लिए देश के रक्षा मंत्री Rajnath Singh और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से समय मांगा है। दोनों नेताओं की तिथि एक साथ तय न हो पाने के कारण औपचारिक उद्घाटन अभी टल गया है। मेयर विनोद अग्रवाल के अनुसार होली के बाद दोनों विशिष्ट अतिथि संयुक्त रूप से इसका लोकार्पण कर सकते हैं।
लागत में हुआ इजाफा
परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 25 करोड़ रुपये थी, जो निर्माण कार्य और अतिरिक्त सुविधाओं के कारण बढ़कर लगभग 35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

क्या होगा खास?
संग्रहालय में वर्ष 1947 से लेकर पुलवामा हमले तक के महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों और ऐतिहासिक घटनाओं को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें 1971 की लोंगेवाला की लड़ाई जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों को भी दर्शाया जाएगा। मुख्य आकर्षण के रूप में वास्तविक सैन्य टैंक (जैसे T-55), तोपें और अन्य युद्ध सामग्री प्रदर्शित की जाएंगी। साथ ही MIG-27 जैसे लड़ाकू विमान से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध होगी।
बंकर और बैरक की थीम पर आधारित यह डिजिटल संग्रहालय आगंतुकों को सैनिक जीवन का वास्तविक अनुभव कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। नगर निगम का दावा है कि यह वेस्ट यूपी में सैन्य इतिहास को समर्पित एक प्रमुख और आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित होगा।
