मुरादाबाद। वर्ष 2017 के कथित भुगतान विवाद में अदालत द्वारा अभिनेत्री अमीषा पटेल के खिलाफ नॉन-बैलेबल वारंट (NBW) जारी किए जाने के बाद उनके अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मामला “पुराना और निपटाया जा चुका” है तथा इसे अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है।
“समझौते के तहत पूरी राशि लौटाई गई”
अधिवक्ता अभिषेक शर्मा के अनुसार, 2017 में हुए कार्यक्रम विवाद के बाद आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया था और संपूर्ण राशि वापस कर दी गई थी। उनका कहना है कि अब इस प्रकरण को दोबारा उछालना दुर्भावनापूर्ण कदम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे हैं। अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने कहा कि “यह पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से भ्रामक प्रस्तुति है। हमारी मुवक्किल ने किसी प्रकार की देनदारी लंबित नहीं छोड़ी है।”
मुंबई में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
अभिषेक शर्मा ने यह भी संकेत दिया कि यदि इस तरह की कार्रवाई जारी रही तो मुंबई में शिकायतकर्ता के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि अमीषा पटेल शीघ्र ही न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगी और तथ्य अदालत के समक्ष स्पष्ट हो जाएंगे।
क्या है विवाद?
गौरतलब है कि 16 नवंबर 2017 को एक शादी समारोह में प्रस्तुति के लिए 14.50 लाख रुपये अग्रिम लेने और कार्यक्रम में शामिल न होने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता की ओर से चेक बाउंस का भी आरोप लगाया गया है, जिसके आधार पर धारा 138, निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत वाद दायर किया गया।
हालांकि, बचाव पक्ष का दावा है कि यह मामला पहले ही सुलझाया जा चुका है और अदालत में पूरी सच्चाई सामने आएगी।
अब सबकी निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस विवाद की कानूनी स्थिति और स्पष्ट होगी।
