मुरादाबाद। बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने पुलिस कार्यालय में डा0 भीमराव अम्बेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे उपनिरीक्षकों के साथ संवाद कर उन्हें प्रभावी, पारदर्शी एवं जनकेंद्रित पुलिसिंग के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम के दौरान एसएसपी ने पुलिस कार्यप्रणाली की मूल संरचना, थानों की कार्य व्यवस्था, विवेचना की गुणवत्ता, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव तथा कार्यालयीन अनुशासन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी की पहचान केवल वर्दी से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, निष्पक्षता और त्वरित कार्रवाई से होती है।

जनसुनवाई पर विशेष जोर
एसएसपी ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को पुलिस की विश्वसनीयता का आधार बताते हुए कहा कि फरियाद लेकर आने वाला प्रत्येक व्यक्ति न्याय की उम्मीद के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचता है। ऐसे में उसकी शिकायत को गंभीरता से सुनना, तथ्यों की निष्पक्ष जांच करना और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत को हल्के में न लिया जाए और प्रकरणों में अनावश्यक विलंब से बचा जाए। महिला, वृद्ध एवं कमजोर वर्ग से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरती जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल
कार्यालयीन कार्यप्रणाली के संदर्भ में एसएसपी ने रजिस्टर संधारण, ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायतों की प्रविष्टि, प्रगति अद्यतन तथा उच्चाधिकारियों को समय पर रिपोर्ट प्रेषित करने की प्रक्रिया को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित की जा सकती हैं।

अनुशासन और आचरण पर मार्गदर्शन
प्रशिक्षणाधीन उपनिरीक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। आचरण में संयम, व्यवहार में विनम्रता और निर्णय में निष्पक्षता एक सफल पुलिस अधिकारी की पहचान होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संवाद स्थापित करना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। सामुदायिक पुलिसिंग की भावना को मजबूत करते हुए आमजन के साथ विश्वास का रिश्ता कायम करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणाधीन उपनिरीक्षकों ने पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न रखे, जिनका एसएसपी ने विस्तार से उत्तर दिया और उन्हें कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी तथा संवेदनशीलता के साथ सेवा देने का संदेश दिया।
यह संवाद कार्यक्रम नवप्रशिक्षुओं के लिए मार्गदर्शक साबित हुआ और उन्हें भविष्य में बेहतर व प्रभावी पुलिस अधिकारी बनने की दिशा में प्रेरित किया। @ZAFAR
