देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया है कि किसी लड़की के कपड़े से छेड़छाड़ करना या उसके निजी अंगों को जबरन छूना बेहद गंभीर अपराध है और इसे सिर्फ तैयारी नहीं बल्कि बलात्कार की कोशिश माना जाएगा। कोर्ट ने इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के पुराने फैसले को गलत बताते हुए पूरी तरह रद्द कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारिया भी शामिल थे, ने कहा कि किसी लड़की के साथ इस तरह की हरकत को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अदालत के अनुसार, ऐसी गतिविधियां सीधे तौर पर बलात्कार की कोशिश की श्रेणी में आती हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस तर्क को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि यह केवल बलात्कार की तैयारी है। हाई कोर्ट ने अपने 17 मार्च 2025 के आदेश में आरोपियों पर लगे गंभीर आरोप हटाते हुए उन्हें राहत दी थी, लेकिन अब सर्वोच्च अदालत ने उस आदेश को अमान्य कर दिया है।
शीर्ष अदालत के फैसले के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराएं फिर से लागू हो गई हैं। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट की कानूनी व्याख्या गलत थी और इसे सुधारना जरूरी था, ताकि समाज में गलत संदेश न पहुंचे। कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की थी।
अब कासगंज की निचली अदालत द्वारा 23 जून 2023 को दिया गया आदेश फिर से प्रभावी हो गया है। इसका मतलब है कि आरोपियों के खिलाफ उन्हीं गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा चलेगा, जिन्हें पहले हटाया गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसकी सख्त टिप्पणियों को आरोपियों के दोषी होने का अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
यह मामला वर्ष 2021 की एक घटना से जुड़ा है। कासगंज में एक महिला अपनी 14 साल की बेटी के साथ घर लौट रही थी। रास्ते में गांव के कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। मदद का बहाना बनाकर लड़की को बाइक पर बैठाया गया और रास्ते में उसके साथ अभद्रता की गई। आरोप है कि आरोपियों ने लड़की के साथ जबरदस्ती की, उसके कपड़ों से छेड़छाड़ की और उसे सुनसान जगह ले जाने की कोशिश की। लड़की के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे, जिसके बाद आरोपी हथियार दिखाकर मौके से फरार हो गए थे।
बाद में मामले की शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई और अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इस केस में फिर से कड़ी धाराओं के तहत सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
