मुरादाबाद। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मुहम्मदी जामा मस्जिद में 11वीं तरावीह के दौरान कलाम-ए-पाक मुकम्मल किया गया। इस मौके पर मुल्क व कौम की तरक्की, अमन-ओ-अमान और खुशहाली के लिए खास दुआएं मांगी गईं।
तरावीह के दौरान कुरान-ए-पाक की तिलावत कारी अब्दुल माजिद ने की। पूरे रमजान में सैकड़ों अकीदतमंदों ने मस्जिद पहुंचकर नमाज-ए-तरावीह अदा की। कुरान मुकम्मल होने के अवसर पर हाफिज कमर आलम ने दुआ कराई। उन्होंने तमाम आलम-ए-इस्लाम की बेहतरी, देश में अमन-चैन और इंसानियत की भलाई के लिए अल्लाह से रहमत की गुहार लगाई।

इस अवसर पर मुफ्ती दानिश उल कादरी ने अपने खिताब में कहा कि हमें रसूल-ए-पाक की सुन्नतों पर अमल करते हुए अपनी जिंदगी गुजारनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रमजान का मुकद्दस महीना हमें इबादत, सब्र और परहेजगारी का सबक देता है। दुनियावी बातों से ऊपर उठकर अल्लाह की बारगाह में खड़े होकर इबादत करना और अपने ईमान को मजबूत रखना ही असली कामयाबी है।
कार्यक्रम में नायब इमाम हाफिज नवाजिश हुसैन, हाफिज आसिफ, हाफिज मुहम्मद हसन, मस्जिद कमेटी के सदर मोहम्मद जुनैद, हाजी बाबू, हाजी मोहम्मद सलीम, अफरोज अहमद एडवोकेट, हाजी रियासत हुसैन, हाजी आसिफ, मोहम्मद जान तुर्की, मास्टर जाबिर हुसैन, मोहम्मद अली, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद नाजिम समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

इस मौके पर कलाम-ए-पाक मुकम्मल करने वाले हाफिज अब्दुल माजिद को तोहफे देकर और गुलपोशी कर सम्मानित किया गया। दुआ के बाद सभी नमाजियों में तबर्रुक भी तकसीम किया गया।
