मुरादाबाद। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में मुरादाबाद मंडल के आठ अभ्यर्थियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। सफल उम्मीदवारों में मुरादाबाद के छह अभ्यर्थी, अमरोहा की एक बेटी और चंदौसी का एक युवक शामिल है।

सभी चयनित अभ्यर्थियों ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए जीवन में स्पष्ट लक्ष्य तय करना और निरंतर मेहनत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि असफलताओं से घबराने की बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि वही आगे की सफलता की राह तैयार करती हैं।
पांचवें प्रयास में देवांश गुप्ता ने पाई सफलता
दीनदयाल नगर निवासी देवांश गुप्ता ने सिविल सेवा परीक्षा में 77वीं रैंक हासिल की है। यह उनका पांचवां प्रयास था। इससे पहले वह दो बार मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार तक पहुंच चुके थे। देवांश ने वर्ष 2021 में पुणे से बीए-एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।

उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान पुणे स्थित यरवदा सेंट्रल जेल में कैदियों के साथ काम करने का अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। इसी अनुभव ने उन्हें समाज के लिए बड़े स्तर पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। देवांश प्रतिदिन करीब पांच से छह घंटे पढ़ाई करते थे और नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ते थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां प्रोफेसर किरण साहू को दिया।
पहले प्रयास में पीयूष मौर्य ने मारी बाजी
प्रेमनगर लाइन निवासी पीयूष मौर्य ने अपने पहले ही प्रयास में 889वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र विषय में स्नातक किया और दूसरे वर्ष से ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।
पीयूष ने वैकल्पिक विषय के रूप में भी दर्शनशास्त्र को ही चुना। वह शुरुआत में रोजाना आठ से नौ घंटे पढ़ाई करते थे, जिसे परीक्षा के समय बढ़ाकर 10 से 12 घंटे तक कर देते थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सोमपाल सिंह और माता उर्मिला सिंह को दिया।
लेखन गति सुधारकर गरिमा सिंह ने पाई सफलता
मानसरोवर कॉलोनी निवासी गरिमा सिंह ने चौथे प्रयास में 240वीं रैंक प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उत्तर लिखने की गति धीमी होने के कारण कई महत्वपूर्ण बिंदु छूट जाते थे। बाद में उन्होंने विशेष रूप से लेखन गति सुधारने पर ध्यान दिया।

गरिमा रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई करती थीं और नियमित रूप से अखबार पढ़कर समसामयिक विषयों की जानकारी जुटाती थीं।
नौकरी के साथ तैयारी कर अंकित ने हासिल की रैंक
बुद्धि विहार निवासी अंकित कुमार सिंह को यूपीएससी परीक्षा में 842वीं रैंक मिली है। उनके पिता जयगोपाल सिंह पीडब्ल्यूडी विभाग में एसडीओ के पद से सेवानिवृत्त हैं। अंकित इस समय जेवर में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के पद पर कार्यरत हैं।

उन्होंने नौकरी के साथ रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई कर अपनी तैयारी जारी रखी। उनकी पत्नी जोया सिंह दिल्ली में भारतीय स्टेट बैंक में मैनेजर हैं और वह भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।
दूसरे प्रयास में सृजित कुमार ने बनाई जगह
मूल रूप से शाहजहांपुर निवासी और वर्तमान में केंद्रीय पुलिस अस्पताल परिसर में रहने वाले सृजित कुमार ने दूसरे प्रयास में 84वीं रैंक हासिल की है। पिछले वर्ष उन्हें 277वीं रैंक मिली थी, जिसके आधार पर उन्हें आईआरएस सेवा मिली थी।
सृजित ने बताया कि उन्होंने उत्तर लेखन का नियमित अभ्यास और विषयों की बार-बार पुनरावृत्ति पर विशेष ध्यान दिया। वह प्रतिदिन करीब आठ घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सुभाषचंद्र गंगवार को दिया, जो मुरादाबाद में एसपी यातायात के पद पर तैनात हैं।
