मुरादाबाद। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुरादाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ब्राह्मण शिरोमणि पंडित सुधीर शर्मा एडवोकेट ने महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए समाज में उनकी भूमिका, उपलब्धियों, सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर विस्तृत विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण किसी भी सभ्य समाज की पहचान होता है और आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत से नई मिसाल कायम कर रही है।
पंडित सुधीर शर्मा एडवोकेट ने कहा कि भारत की संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। हमारे शास्त्रों और परंपराओं में नारी को शक्ति, ममता और त्याग का प्रतीक बताया गया है। उन्होंने कहा कि आज की आधुनिक महिला शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका, चिकित्सा, राजनीति, विज्ञान, खेल और उद्योग जैसे तमाम क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। यह समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

उन्होंने कहा कि एक शिक्षित और सशक्त महिला न केवल अपने परिवार को बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने की क्षमता रखती है। परिवार की नींव को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। एक महिला मां, बहन, बेटी और पत्नी के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज को संस्कार और दिशा देने का काम करती है।
पंडित सुधीर शर्मा एडवोकेट ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कानूनों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है ताकि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ी रोक लगाई जा सके। साथ ही समाज के प्रत्येक वर्ग को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारे या कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार में भी उतारना होगा। जब तक महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, सम्मान और सुरक्षा के समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक वास्तविक सशक्तिकरण संभव नहीं हो पाएगा।
पंडित सुधीर शर्मा एडवोकेट ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि अक्सर महिलाएं अपने परिवार की देखभाल में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और संतुलित जीवनशैली अपनाएं। स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के संघर्ष, सम्मान और उपलब्धियों को याद करने और उनके अधिकारों को मजबूत करने का अवसर है। हमें मिलकर ऐसा समाज बनाना होगा जहां महिलाओं को हर क्षेत्र में सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्राप्त हों।
पंडित सुधीर शर्मा एडवोकेट ने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, सम्मान और सशक्त जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है।
