NCERT ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब से न्यायपालिका में भ्रष्टाचार (corruption in the judiciary) से संबंधित विवादित अंश हटा दिए हैं और इसके लिए सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगी है।
- विवादित सामग्री: विवाद कक्षा 8 की नई पाठ्यपुस्तक “Exploring Society: India and Beyond (Part-II)” के चौथे अध्याय, “हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका” (The Role of Judiciary in our Society) को लेकर था। इसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, लंबित मामलों और जजों की कमी जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया था।
- सुप्रीम कोर्ट की कड़ी आपत्ति: सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) लिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने इसे न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला और एक “गहरी साजिश” बताया। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को इस तरह की सामग्री पढ़ाना संस्थान की छवि खराब करने जैसा है।
- NCERT की माफी और कार्रवाई:
- NCERT ने प्रमुख अखबारों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से सार्वजनिक माफीनामा जारी किया।
- परिषद ने पूरी किताब को मार्केट से वापस (withdraw) ले लिया है और इसकी डिजिटल कॉपियों को भी हटा दिया गया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने इस किताब की सभी प्रतियों को जब्त करने और इसके आधार पर पढ़ाई न कराने का आदेश दिया है。
- भविष्य की योजना: इस विवादित अध्याय को अब दोबारा लिखा जाएगा और संशोधित किताब अगले शैक्षणिक सत्र (2026-27) से छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी。
सरकार ने भी इस मामले में जवाबदेही तय करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।
