विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 12 मार्च 2026 को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा को लेकर जारी तनाव पर भारत का पक्ष रखा।
MEA के बयान की मुख्य बातें
- ईरान के साथ बातचीत: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले कुछ दिनों में अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची से तीन बार फोन पर बात की है।
- सुरक्षा और ऊर्जा पर जोर: इस बातचीत का मुख्य केंद्र जहाजों की सुरक्षा (Safety of Shipping) और भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) सुनिश्चित करना रहा है।
- सीमित जानकारी: जब उनसे यह पूछा गया कि क्या ईरान भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए सहमत हो गया है, तो प्रवक्ता ने कहा, “ईएएम और ईरान के विदेश मंत्री के बीच जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई है। इससे आगे कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।”
- तनावपूर्ण स्थिति: यह बयान उन रिपोर्टों के बीच आया है जिनमें दावा किया गया था कि ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को होर्मुज के रास्ते सुरक्षित निकलने की अनुमति दी है, हालांकि ईरानी सूत्रों ने ऐसी किसी भी विशेष व्यवस्था से इनकार किया है।
- भारतीय नागरिकों की मदद: मंत्रालय ने यह भी बताया कि ईरान में फंसे लगभग 9,000 भारतीय नागरिकों (छात्रों, नाविकों और पेशेवरों) को दूतावास के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है।
