मुरादाबाद। जनपद में कुपोषण से निपटने और आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय पोषण समिति तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और आंगनवाड़ी से जुड़े कर्मियों की कार्य प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान एफआरएस कार्यक्रम के अंतर्गत एएमसी इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्ट की समीक्षा में भगतपुर टांडा, बिलारी, कुन्दरकी और मुरादाबाद देहात की स्थिति खराब पाई गई। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित मुख्य सेविकाओं और सुपरवाइजर्स को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना के साथ कार्य करें, आपसी मतभेद छोड़कर समन्वय बनाते हुए योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करें। उन्होंने सीडीपीओ को भी निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थों के कार्यों की पूरी जानकारी रखें और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
सीडीओ ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर पंखा, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी कार्य करने के प्रति गंभीर नहीं है तो वह स्वयं त्यागपत्र दे सकता है, जबकि बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

बैठक में पोषण ट्रैकर की समीक्षा के दौरान फरवरी 2026 में मुरादाबाद शहर, बिलारी, भगतपुर टांडा, मुरादाबाद देहात, डिलारी, मूंढापांडे, ठाकुरद्वारा और कुन्दरकी की प्रगति खराब पाई गई। इस पर संबंधित सीडीपीओ को विशेष प्रयास कर प्रगति सुधारने के निर्देश दिए गए। वहीं कुन्दरकी की प्रदेश स्तर पर खराब रैंकिंग को लेकर जब सुपरवाइजर से स्पष्टीकरण मांगा गया तो संतोषजनक उत्तर न मिलने पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई।

इसके अलावा बीएचएसएनडी सेशन की आंगनवाड़ी केंद्रों पर कम संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्हें बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही होम विजिट बढ़ाने, सेम और मेम श्रेणी के बच्चों की पहचान कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने तथा सेम श्रेणी के बच्चों को मेम श्रेणी में लाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा में भगतपुर टांडा, डिलारी और कुन्दरकी की प्रगति कमजोर मिलने पर इसमें सुधार लाने को कहा गया। वहीं एनआरसी एडमिशन में ठाकुरद्वारा, डिलारी और मूंढापांडे की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताते हुए इसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ, मुख्य सेविकाएं, सुपरवाइजर तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
