शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है और निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। गुरुवार को जहां बाजार में करीब 6 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई थी, वहीं शुक्रवार को भी गिरावट जारी रही और निवेशकों को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। इस गिरावट के बाद BSE Sensex से जुड़ी कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर करीब 433 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 923.58 अंक (1.21%) गिरकर 75,117.6 पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी 310 अंक यानी 1.32% टूटकर 23,323 के आसपास कारोबार करता दिखा। बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव रहा और NIFTY Bank में 1000 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से 26 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि केवल 4 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। इस दौरान Tata Steel, Bharat Electronics Limited, IndiGo और Larsen & Toubro के शेयरों में 3% से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
बाजार में इस दबाव की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात भी माने जा रहे हैं। Iran की ओर से दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इससे Strait of Hormuz के रास्ते तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई। इसी बीच Brent Crude की कीमत भी बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।
भूराजनीतिक तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिला। एशिया में KOSPI, Nikkei 225, SSE Composite Index और Hang Seng Index गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं अमेरिका में Dow Jones Industrial Average, S&P 500 और Nasdaq Composite में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। Dow Jones करीब 700 अंकों से ज्यादा गिरकर इस साल पहली बार 47,000 के स्तर से नीचे बंद हुआ।
दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को भारतीय बाजार में करीब 7,049.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशक 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं।
