अमरोहा। रहरा थाना क्षेत्र में सामने आए अवैध हिरासत और पैसे की उगाही के गंभीर मामले ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने थाना प्रभारी बृजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
यह मामला तब उजागर हुआ जब परोरा गांव के निवासी रामदास ने 26 मार्च 2026 को पुलिस कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी और इसी बीच पुलिस ने भी 20 मार्च को उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा।
मामले की जांच क्षेत्राधिकारी हसनपुर को सौंपी गई, जिसमें कई अहम खुलासे हुए। जांच में पाया गया कि एक महिला ने पहले 19 मार्च को एक व्यक्ति पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था और अगले ही दिन नए नाम जोड़ते हुए रामदास को भी आरोपी बना दिया गया।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपियों में शामिल एक व्यक्ति ने मुकदमे के डर का फायदा उठाकर पीड़ित के परिवार से समझौते के नाम पर 1.35 लाख रुपये की रकम वसूल ली। इस संबंध में संबंधित आरोपियों के खिलाफ थाना रहरा में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि शिकायतकर्ता को 24 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। बाद में कथित समझौते के बाद उसे छोड़ा गया। जांच में थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
पूरे घटनाक्रम ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस तरह की अनियमितताओं पर सख्ती से निपटा जाएगा।
